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Noida: रैपरों की अतरंगी दुनिया में अपने हसल से चमका नोएडा का सितारा, स्पेक्ट्रा ने जीता लोगों का दिल

Tue, 15 Nov 2022 05:12 PM IST
अनुराग सक्सेना हर्ष मिश्रा, नोएडा।

सार

रैपर यानी लंबे बाल, अतरंगी कपड़े और ढेर सारी एसेसरीज इस धारणा को तोड़ते हुए रैपिंग की दुनिया में अलग मुकाम बनाने वाले स्पेक्ट्रा ने सिर्फ कॉमर्शियल हितों पर काम नहीं किया बल्कि समाज से जुड़े कई जरूरी संदेश भी दिए हैं।
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रैपर स्पेक्ट्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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‘मैं तो राजा नहीं मई तो रा रा नहीं, मैं तो रागा नहीं, मैं तो आम सा एमसी कॉल मी स्पेक्ट्रा भई...’ आम से खास बन लाखों दिलों पर राज करने वाले रैपर स्पेक्ट्रा का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। हसल 2.0 शो की सफलता संग कई नई प्रतिभाएं सितारा बनकर उभरी हैं। जिनमें एक नाम टॉप-5 प्रतिभागी रहे नोएडा निवासी स्पेक्ट्रा का है, जिनके गानों पर आज लाखों व्यूज हैं।

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रैपर यानी लंबे बाल, अतरंगी कपड़े और ढेर सारी एसेसरीज इस धारणा को तोड़ते हुए रैपिंग की दुनिया में अलग मुकाम बनाने वाले स्पेक्ट्रा ने सिर्फ कॉमर्शियल हितों पर काम नहीं किया बल्कि समाज से जुड़े कई जरूरी संदेश भी दिए हैं। ‘लिखित नसीब तेरे हाथों से रचित होगा, आज की मुसीबतें भी कल का अतीत होगा...’ स्पेक्ट्रा के यह शब्द उनके ही नहीं संघर्षरत युवाओं के जीवन का सच कहते हैं।

यूं शुरू हुआ शुभम पाल से स्पेक्ट्रा बनने का सफर
शुभम पाल यानी स्पेक्ट्रा ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत आठवीं कक्षा के दौरान थिएटर करते हुई। थिएटर में की जाने वाली नाट्य प्रस्तुतियों को वह खुद लिखते और नए किरदारों को गढ़ते थे। लिखने की कला उन्होंने वहीं से सीखी। बड़े हुए तो डीयू के हंसराज कॉलेज में उन्होंने थिएटर में कई किरदार निभाए और लिखे। साथ ही अलग-अलग राज्यों में जाकर विभिन्न मुद्दों पर थिएटर में काम किया, लेकिन कोविड काल में थिएटर बंद होने से उनकी इस यात्रा में व्यवधान आया। इस दौरान उनका खाली समय में किताबें पढ़ने और रैप सुनने में बीतता था। इसी दौरान हिपहॉप के प्रति दीवानगी बढ़ी। हिपहॉप सुनते वक्त एक दिन ख्याल आया कि वह भी यह कर सकते हैं। उन्हें लगा कि हिंदी की कविताओं को हिपहॉप में बदलकर रैप बनाया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने इस दिशा में प्रयास शुरू किए। शुरुआत में उन्होंने अपनी रचनाएं दोस्तों को सुनाईं। उनकी तारीफ से हौसला बढ़ा लेकिन अनजाने लोगों के बीच अपनी रचनाएं साझा करने का साहस नहीं मिल पा रहा था।

स्पेक्ट्रा अकसर चर्चित रैपर फोट्टी सेवन को सुना करते थे। स्पेक्ट्रा बताते हैं कि एक बार रात करीब दो बजे फोट्टी सेवन को अपने रैप भेजे। मैंने नहीं सोचा था कि वह मेरे ई-मेल का जवाब देंगे। उन्होंने करीब आधे घंटे के बाद ही जवाब दिया और गाने को सराहा। शुभम ने बताया कि वहां से हिम्मत मिली और इतना उत्साह आया कि मैं अपने गानों को अब लोगों के बीच ले जा सकूं। इसके बाद मैंने अपने गाने सोशल साइट पर पब्लिश करने शुरू कर दिए। गानों को डालते ही उन्हें अच्छी रीच यानी लोगों तक पहुंच मिलने लगी। मैंने यह करना जारी रखा। एक दिन ऑनलाइन हसल 2.0 शो का एक बैनर देखा तो उसके लिए ऑनलाइन अपना एक वीडियोज भेज दिया। हसल की तरफ से जवाब आना, मेरे लिए एक सुखद आश्चर्य था। इसके बाद मैंने हसल में जाने के लिए घरवालों को मनाना शुरू किया। साथ ही जहां नौकरी कर रहा था उनसे बात की, तो सभी के सहयोग से मेरा हसल का सफर शुरू हो गया। आज मैं अपने उस फैसले से बेहद खुश हूं।

रंगभेद समेत कई मुद्दों को अपने रैप के जरिये लोगों तक पहुंचाया
‘मैं ब्रह्मा का ही अंश मुझे क्यों धब्बा लगाए...’ स्पेक्ट्रा का सबसे प्रचलित गाना ‘कालारिस्म’ इन दिनों लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है। उन्होंने अपने रैप्स में कई मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा कि एक रैपर जो भी लिखता है तो वह खुद की लिखावट तक पर गौर करता है। या तो किसी रैपर ने उन सभी चीजों का अनुभव किया हो, या फिर उसके सामने ऐसा घट रहा हो। तभी वह उसे अपनी लेखनी में शामिल करता है। अपने अंदर की चीजों को बाहर ना निकालने का मतलब तो यही हुआ कि या तो मैं बोलकर मर जाऊं या फिर चुप रहकर मर जाऊं। उन्होंने कहा कि हम गाने बनाने से पहले यह नहीं सोचते की उस पर लाइक आएंगे या ट्रोलिंग मिलेगी। विचारधारा को कोई अपनाएगा और कोई नहीं अपनाएगा। यह मायने नहीं रखता। काम ज्यादा मायने रखता है। वहीं, हेटर्स से निपटने के सवाल में उन्होंने कहा कि दो चीजों में फर्क करना बेहद जरूरी है। वह हैं आलोचक और हेटर्स आलोचक, आपको निखारने का काम करते हैं और हेटर्स भटकाने का। अपने आलोचकों से मैं काफी सीखता हूं। हेटर्स को इग्नोर करता हूं ताकि वह मेरा ध्यान ना भटका सकें।

शो पर रही पैंथर से अच्छी बॉडिंग
हसल के दौरान पैंथर से उनका रिश्ता काफी अहम रहा है। शुभम ने बताया कि शुरू में ही पैंथर से काफी अच्छी बॉडिंग हो गई थी। वह एक दिन अपने कमरे में थे। तभी पैंथर आए और उनसे खूब बातें हुई। दोनों की विचारधाएं काफी मिलती थी जिसके बाद दोनों का बॉन्ड काफी अच्छा रहा। शो के दौरान पैंथर के साथ कॉलेबरेशन भी किया। स्पेक्ट्रा ने कहा कि इसके अलावा शो में आए और भी कई लोग उनके पसंदीदा थे, जिसमें शो के विनर एमसी स्क्वायर भी हैं। वह काफी साधारण व्यक्ति हैं। अच्छे आचरण वाले हैं। उन्होंने जजिस के साथ अपनी बॉडिंग के कई किस्से बताए। जजिस से हमेशा नया सीखने को मिला है। गलतियों पर भी उन्होंने बताया है कि खुद को बेहतर कैसे करें। काफी कूल रहते थे। उन्होंने कभी दबाव अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

यह दो चीजें हसल ने सिखा दीं
स्पेक्ट्रा ने कहा कि हारना-जीतना एक अलग पहलू है। इसके परे है कि हमने वहां से सीखा क्या, तो दो चीजें मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा जो मुझे हसल ने सिखा दी। पहला विश्वास बहुत जरूरी है। अगर मुझे खुद पर भरोसा है तो ही मैं आगे जाऊंगा अगर नहीं है तो मैं कभी भी आगे नहीं बढ़ पाउंगा। हसल में इतना आगे तक जाना मेरे लिए एक सपना जैसा था, लेकिन खुद पर विश्वास किया और आगे तक आया। दूसरी चीज है धैर्य, अगर आपको एक अच्छा रैपर बनना है तो आपको धैर्य रखना पड़ेगा। यह मानना ही पड़ेगा कि आप जल्दी सफल नहीं होंगे। आपको परिश्रम करना ही है।
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फैंस के लिए आने वाले हैं धमाकेदार रैप
स्पेक्ट्रा के फैंस के लिए खुशखबरी यह है कि उन्हें स्पेक्ट्रा के गानों के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्पेक्ट्रा ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि कई सारे कॉलेबरेशंस के साथ उनके गाने आने वाले हैं। उन्होंने कई गाने तो तैयार भी कर लिए हैं। उनके कई शो भी होने वाले हैं। फैंस के लिए धमाकेदार शोज और गाने लगभग तैयार हैं। एंटरटेनमेंट के डोज उन्हें लगातार मिलते रहेंगे।
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