दोस्तों-कर्मियों के नाम से लिए गनर
चर्चा है कि गाजियाबाद व मथुरा पुलिस के गनर हटाने के बाद भी पवन तीन गनर के साथ चलता है। गनर उसने दोस्तों व कर्मचारियों के नाम पर ले रखे हैं। हालांकि, नोएडा पुलिस ने तीन गनर के साथ चलने की पुष्टि नहीं की है। नोएडा पुलिस का कहना है कि पवन को सरकारी गनर प्राप्त नहीं है।
गाजियाबाद में महिला से कर चुका है अभद्रता
पवन का आपराधिक इतिहास पुराना है। कुछ महीने पहले उसने गाजियाबाद की एक सोसाइटी में महिला से अभद्रता की थी। इस मामले में भी पवन को गिरफ्तार किया गया था और उसके सरकारी गनर को हटा लिया गया था। पवन को कुछ साल पहले मथुरा व गाजियाबाद से गनर मिला था। एक खनन के मामले में गवाह के रूप में उसने गनर प्राप्त किया था।
नेता, पत्रकार से लेकर खुद को बताता है बिल्डर
पवन पांडेय खुद को अलग-अलग रूप में पेश करता है। वह खुद को कभी नेता और पत्रकार तो कभी बिल्डर व समाजसेवक बताता है।