महागुन मेजेरिया के प्रवर्तक को दिल्ली के एक व्यक्ति को फ्लैट आवंटन में देरी पर 16 लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ा है। नोएडा की आवासीय परियोजना के प्रवर्तक ने इस व्यक्ति को तय समय से पांच साल बाद फ्लैट का कब्जा दिया था।
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) के अनुसार, खरीदार ने नोएडा के सेक्टर-78 स्थित महागुन मेजेरिया में 2017 में फ्लैट बुक कराया था। उसने इस परियोजना की प्रवर्तक नेक्सजेन इन्फ्राकॉन को 1.35 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया था। प्राधिकरण ने बयान में कहा, प्रवर्तक ने दिसंबर, 2018 में फ्लैट देने का वादा किया था। हलांकि, फ्लैट मिलने को लेकर लगातार हुई देरी के बाद खरीदार ने 2021 में रेरा से संपर्क किया।
रेरा के एक अधिकारी ने कहा कि फ्लैट के खरीदार से प्रवर्तक ने 2021 में फ्लैट आवंटित करने का वादा किया था। जब प्रवर्तक बिल्डर-खरीदार समझौते की शर्तों को पूरा न कर सका तो यह मामला निपटान के लिए रेरा में पहुंचा। यूपी रेरा ने सभी शिकायतों को सुनने के बाद फैसला घर खरीदार के पक्ष में दिया।
रेरा ने कहा कि आदेश के निष्पादन के लिए आगे की कार्यवाही के दौरान, प्रवर्तक ने इस सप्ताह की शुरुआत में लगभग 16 लाख रुपये के विलंब दंड के साथ सभी शर्तों को पूरा करते हुए घर खरीदार को फ्लैट सौंप दिया। खरीदार ने स्थानीय प्राधिकरण के पास कब्जे की एक प्रति जमा कराई है।
बता दें कि यूपी-रेरा की स्थापना 2017 में राज्य में तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित करने के साथ-साथ पारदर्शिता लाने, घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने और उपभोक्ताओं और बिल्डरों के विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।