जिले के 17 निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की सुविधा होगी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। शनिवार को सीएमओ की अध्यक्षता में नोडल अधिकारियों की बैठक में संक्रमण से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई। साथ ही, सभी निजी अस्पतालों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
फिलहाल जिले में कोरोना की 500 जांच ही हो रही हैं। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल रूम, बेड की उपलब्धता के लिए डॉ. मनोज कुशवाह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। होम आइसोलेशन की व्यवस्था डॉ. ललित कुमार, सर्विलांस और विदेशी यात्रियों की ट्रैकिंग डॉ. टीकम सिंह, एक्टिव केस सर्च डॉ. अशोक कुमार, सैंपलिंग डॉ. अमित व वर्तिका गुप्ता और सैनिटाइजेशन का जिम्मा राजेश सिंह व श्रुति संभालेंगे। ऑक्सीजन की उपलब्धता डॉ. आरके सिंह और श्वेता खुराना और वैक्सीनेशन का जिम्मा डॉ. आरके सिंह व डॉ. उबैद कुरैशी संभालेंगे।
एक सप्ताह में शुरू होगा टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन का स्टॉक नहीं है, इसकी वजह से टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। सरकारी अस्पताल में बूस्टर डोज लगवाने के लिए आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। एक सप्ताह के अंदर वैक्सीन आने के बाद टीकाकरण शुरू होगा।
विदेश से आए मरीजों की निगरानी
चीन व अन्य देशों से आए लोगों की निगरानी के लिए डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। ये टीम एयरपोर्ट अथॉरिटी से विदेश से आने वाले लोगों की सूची लेकर घर-घर जाकर जांच करेगी। साथ ही, आरडब्ल्यूए से भी मदद ली जाएगी।
इन अस्पतालों में होगा इलाज
सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल, जिम्स, शारदा अस्पताल, निम्स, सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल, चाइल्ड पीजीआई, एनटीपीसी दादरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 17 निजी अस्पतालों में मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी।