फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: दादरी निकाय चुनाव में इस बार नहीं किसी पार्टी का जादू

विज्ञापन
विज्ञापन
दादरी निकाय चुनाव में इस बार नहीं किसी पार्टी का जादू
विज्ञापन

- चौतरफा मुकाबले के बन रहे समीकरण, कम अंतर से होगी विजय
- प्रत्याशियाें पर है मतदाताओं की नजर, पशोपेश में इस बार मतदाता
मनोज कुमार
ग्रेटर नोएडा। अभी तक ज्यादातर चुनावों में एक विशेष पार्टी का जादू चलता आया था और अधिकतर उम्मीदवार उसी के बल जीतकर जनता के बीच आए। मगर निकाय चुनाव में इस बार किसी एक पार्टी का ही नहीं बल्कि किसी भी पार्टी का जादू मतदाताओं पर नहीं चल रहा है। उम्मीदवारों को लेकर मतदाता पशोपेश में है। इसलिए पहली बार चार पार्टियों के उम्मीदवारों में मुकाबले का समीकरण बन रहा है।
दरअसल, निकाय चुनाव के लिए मतदान का काउनडाउन शुरू हो गया है। आज से 11वें दिन मतदान है ओर प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत के लिए हर हथकंडे को अपनाने शुरू कर दिए है। दादरी नगर पालिका अध्यक्ष पद की बात करें तो यहां पर भाजपा की ओर से गीता पंडित, सपा की ओर अय्यूब मलिक, कांग्रेस से अशोक शर्मा और बसपा से रविंद्र सिंह एवं आम आदमी पार्टी से रीता और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा से बगावत करने वाले जगभूषण गर्ग है। दादरी में दो बार से गीता पंडित विजयी हो रहीं थीं। चूंकि पिछली बार करीब 1700 से मतों से उन्होंने जीत हासिल की थी। इससे साफ है कि इस बार मुकाबला उनका और कठिन होने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर निर्दलीय प्रत्याशी जगभूषण गर्ग न केवल वैश्य समाज की बल्कि गीता पंडित के अन्य जातियों के मतदाताओं में भी सेंध लगा रहे हैं। वहीं निकाय में करीब 27 हजार मतदाता मुस्लिम है और इसे सपा अपना मानकर चल रही है। जबकि इसमें कांग्रेस प्रत्याशी भी सेंध लगा सकते हैं। बसपा के केडर वोटर दलित और हरिजन समाज का माना जाता है। मगर बसपा ने गुर्जर समाज के उममीदवार रविंद्र सिंह को टिकट देकर दलित और गुर्जर समाज के करीब 25 हजार मतदाता पर दांव खेला है। इसलिए इस बार चारों प्रत्याशियों में घमसान होना तय है। े
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें