14 हजार से अधिक ऑटो में नहीं है मीटर, अधिकारी बेखबर
- बिना मीटर के भी फिटनेस में पास हो रहे, ऑटो विभाग पर सवाल
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19055 ऑटो हैं शहर में
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। यातायात नियमों के पालन का दावा भले ही परिवहन विभाग करता हो, लेकिन सड़क पर दौड़ रहे ऑटो नियमों की पोल खोल रहे हैं। शहर में संचालित करीब 19055 ऑटो में से 14 हजार में मीटर ही नहीं लगे हैं। ऐसा तब है, जब सड़क पर दौड़ रहे ऑटो में मीटर लगना अनिवार्य है। चालकों का आरोप है कि बिना मीटर के भी परिवहन विभाग ऑटो की फिटनेस प्रक्रिया पूरी कर देता है। कई बार चालक ऑटो की फिटनेस प्रक्रिया पूरी कराने के बाद मीटर उतार देते हैं। लिहाजा, मीटर न होने से वह शासन द्वारा तय किराये से दो से तीन गुना ज्यादा किराया वसूलते हैं।
वहीं जिले के एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा के मुताबिक, जिले के सभी ऑटो में मीटर लगा हुआ है। शहर की ऑटो एसोसिएशन के मुताबिक, जिले में 14,266 ऑटो बिना मीटर के ही संचालित हो रहे हैं। यानी परिवहन विभाग के अधिकारियों को ही नहीं पता है कि जिले में हजारों ऑटो बिना मीटर के भी संचालित हो रहे हैं और नियमों के मुताबिक ऑटो का फिटनेस तब ही कराया जा सकता है, जब उसमें मीटर हो। तो ऐसे में जिले के इन 14,266 ऑटो की फिटनेस कैसे हुई। परिवहन विभाग की कार्यशैली पर कई प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
नोएडा सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी ओम प्रकाश गुर्जर ने बताया कि अभी केवल 25 प्रतिशत ऑटो में ही मीटर लगे हैं। जल्द ही सभी ऑटो में इसे लगाने का प्लान भी बनाया जा रहा है। वहीं नोएडा ऑटो रिक्शा चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल बाबू ने बताया कि एनसीआर परमिट के दो हजार ऑटो समेत कुछ ही ऑटो में अभी मीटर लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से किराया बढ़ा दिया गया है, जिसकी वजह से अब मीटर लगाने की कवायद तेज की जाएगी। मीटर नहीं होने से ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। वहीं संबंधित विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बीते वर्ष डीएम ने दिया था आदेश
बीते मई में तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने सभी ऑटो में मीटर की अनिवार्यता तय करने का आदेश दिए थे। निर्देश जारी हुए एक वर्ष होने को है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में संचालित ज्यादातर ऑटो साझा सवारियां बैठाती हैं। इनमें तय नियम से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। नियमों के पालन की अनदेखी शहर में ऑटो चालकों द्वारा इस कदर किया जाता है कि चार हजार की संख्या में ऑटो का फिटनेस नहीं कराया गया है, बावजूद सड़क पर दौड़ रहे हैं।
जिले में चार हजार ऑटो अनफिट
जिले में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर केवल ऑटो ही है। लोग बिना सोचे समझे इनमें यात्रा कर लेते हैं। बता दें कि जिले में करीब चार हजार खटारा ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन सभी का फिटनेस एक्सपायर हो चुका है। ऐसे में लोगों की जान खतरे में डालकर यह ऑटो चालक सफर तय कर रहे हैं।