ग्रेटर नोएडा। 10 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉइस तैयार कर जीएसटी रिफंड ठगी मामले में आरोपी अकाउंटेंट अभिनव त्यागी को अदालत ने जमानत देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। शिकायतकर्ता ने 2 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम थाने में मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। अभिनव पर 1 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक के बीच कंपनी के नाम पर करीब 10 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉयस तैयार करने और 1.80 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड ऑनलाइन से प्राप्त करने की कोशिश का आरोप है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी के खिलाफ लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। जमानत याचिका में दिए गए तर्क केवल औपचारिक हैं और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फर्जी इनवॉयस की जगह असली दस्तावेज कौन से थे। अदालत ने कहा कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और आरोपी को रिहा करना न्यायहित में उचित नहीं होगा। ब्यूरो