एनजीटी ने गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के डीएम को किया तलब
- यमुना, हिंडन नदी के बाद क्षेत्र के चिह्नांकन का मामला, 29 जनवरी को पेश होने के आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर और ग़ाज़ियाबाद के डीएम को एनजीटी ने तलब किया है। यमुना और हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र के चिह्नांकन नहीं होने के मामले में दोनों को 29 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में पेश होने का आदेश एनजीटी ने किया है।
एनजीटी के सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल और डॉ. ए सेंथिल वेल का कहना है कि रिवर गंगा अथॉरिटीज के 2016 के आदेश के अनुपालन में चिह्नांकन के लिए दो नवंबर 2023 को दो महीने का समय मांगा गया था। यह समय दिया गया। अब नौ महीने का समय मांगा गया है जोकि बिल्कुल न्यायपूर्ण नहीं है। डीएम की तरफ से कोई रिपोर्ट भी नहीं दी गयी है।
इनसे पहले 9 जनवरी 2024 को डीएम गौतमबुद्ध नगर ने एनजीटी को बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी रुड़की ने यमुना नदी की स्टडी के लिए छह महीने और हिंडन नदी के लिए नौ महीने का समय मांगा है। इस स्टडी के बाद ही दोनों नदी के सबमेर्जेंस एरिया को तय किया जा सकेगा। एनजीटी यमुना और हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण के मुद्दे पर सुनवाई कर रहा है।