न्यू नोएडा: जनसंख्या के हिसाब से तैयार होंगे वाणिज्यिक केंद्र
- मास्टर प्लान 2041 में वाणिज्यिक सेटअप स्थापित करने का दिया गया विकल्प
सुशील पांडेय
नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) यानी न्यू नोएडा में जनसंख्या के हिसाब से वाणिज्यिक केंद्र बनेंगे। इसमें एक लाख से लेकर दस लाख तक की जनसंख्या के लिए अलग-अलग वाणिज्यिक केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। मास्टर प्लान 2041 को मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम होगा।
मास्टर प्लान के मुताबिक एक लाख की जनसंख्या पर सर्विस सेंटर के साथ सामुदायिक केंद्र प्रस्तावित है। इसके लिए 35 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसी तरह से साप्ताहिक बाजार के लिए 2.8 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। खाने-पीने की जगह के लिए जरूरत के हिसाब से जमीन का उपयोग किया जाएगा।
पांच लाख की जनसंख्या के लिए बड़े साइज और बड़ी संख्या में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जरूरत के हिसाब से जमीन ली जाएगी। इतनी ही जनंसख्या के लिए ई-कॉमर्स वेयरहाउस भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा 10 लाख की जनसंख्या के लिए स्थानीय थोक बाजार और मंडी स्थापित की जाएगी। इसके लिए 10 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है।
130 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे होगी वाणिज्यिक गतिविधि
न्यू नोएडा में वाणिज्यिक गतिविधि प्रस्तावित 130 मीटर चौड़ी सड़क के नजदीक होगी। इसके अलावा योजनागत आवासीय सेक्टर में वाणिज्यिक गतिविधियां हो सकेंगी। आसपास के क्षेत्र में स्थानीय थोक मंडी, सामुदायिक केंद्र, साप्ताहिक बाजार, खाने-पीने और खरीदारी के लिए दुकानें आदि होंगी। न्यू नोएडा के वाणिज्यिक केंद्र सेक्टर रोड के बगल में होंगे। यह सेक्टर रोड न्यू नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा और नोएडा को सीधे जोड़ेगी।
चार प्रतिशत जमीन होगी आरक्षित
न्यू नोएडा में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए चार प्रतिशत जमीन आरक्षित होगी। इस प्रकार की गतिविधि जनसंख्या के बढ़ने और घटने के हिसाब से होगी। पूरे अधिसूचित क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियां होंगी। लेकिन न्यू नोएडा के उत्तर में इसकी बहुतायत होगी। इसके अलावा प्रस्तावित सिटी सेंटर में भी वाणिज्यिक केंद्र होंगे। वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए जहां 534 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित है, वहीं पूरे न्यू नोएडा में गोदाम, मंडी और ई-कॉमर्स वेयरहाउस के लिए 315 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है।
इस प्रकार की होंगी वाणिज्यिक गतिविधियां
न्यू नोएडा में कई प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधियां होंगी। इसमें शॉपिंग सेंटर, लोकल शॉपिंग सेंटर, छोटे कॉमर्शियल सेंटर, कॉमर्शियल सेंटर, मंडी और थोक बाजार, सर्विस मार्केट, सिनेमा और मल्टीप्लेक्स, सेक्टरों के बाजार, छोटी दुकानें आदि।
वेंडर जोन भी होंगे
रेहड़ी पटरी के दुकानदारों के लिए उत्तर प्रदेश स्ट्रीट वेंडर्स रूल्स 2017 के मुताबिक वेंडर जोन स्थापित किए जाएंगे। इसमें वेंडरों के लिए जगह निर्धारित किए जाएंगे। आवासीय सेक्टरों में वेंडर जोन स्थापित होंगे। नोएडा की तर्ज पर इसे लागू किया जाएगा। इसमें सड़कों के किनारे रेहड़ी पटरी के दुकानों की व्यवस्था को खत्म किया जाएगा।