कुर्सी न मेज, शिक्षकों का पता नहीं और हो गए निपुण
- जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान ने 28 स्कूलों को दिया निपुण का प्रशस्ति पत्र
- शिक्षा विभाग का दावा कक्षा एक से तीसरी तक के छात्रों की पढ़ाई में हुआ सुधार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शिक्षा विभाग ने जिले के 28 स्कूलों के कक्षा एक से तीसरी तक के छात्रों की पढ़ाई में सुधार होने का दावा किया है। छात्र हिंदी व गणित विषय में 80 प्रतिशत तक निपुण हो गए हैं। परीक्षा में इन छात्रों के बेहतर अंक आए हैं। इसलिए स्कूलों को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की ओर से निपुण घोषित करते हुए प्रशस्ति पत्र दिए गए हैं। अब 92 स्कूलों को निपुण बनाने के लिए काम किया जा रहा है
जिले के चार ब्लॉक के नौ न्याय पंचायतों के 120 स्कूलों को जुलाई तक निपुण किया जाना है। शिक्षा विभाग का दावा है कि निपुण तालिका के आधार पर छात्रों को गणित और हिंदी में निपुण बनाने के लिए शिक्षक प्रयास कर रहे हैं। हालांकि निपुण तभी माना जाएगा जब छात्रों को हिंदी व गणित विषय का 80 प्रतिशत ज्ञान होगा। इस बार 30 स्कूलों की ओर से खुद को निपुण करने के लिए शिक्षा विभाग को नाम भेजे थे। उसके बाद विभाग की ओर से स्कूलों में छात्रों की परीक्षा के मूल्यांकन के बाद रिजल्ट घोषित किया गया है। स्कूलों को निपुण बनाने का कार्य जनवरी में बेसिक शिक्षा विभाग को मिला था।
बिना शिक्षक के ही हो गए निपुण
विभाग के कई लोगों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक आते ही नहीं हैं। छात्रों के बैठने के लिए सही से कुर्सी व मेज तक की व्यवस्था नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ है जब समय पर सत्र शुरू होते ही किताबें आई हैं। ऐसे में डेढ़ महीने में छात्र कैसे निपुण हो गए। विभाग ने नंबर बढ़ाने के लिए स्कूलों को निपुण बना दिया है।
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30 स्कूलों ने निपुण के लिए नाम भेजे थे। इन स्कूलों में जाकर डायट के शिक्षकों ने बच्चों के पढ़ाई के स्तर को परखा। उसके बाद स्कूलों को निपुण घोषित किया गया है। आरएस यादव, प्राचार्य डायट