रिश्ता पक्का होने पर रची प्रीति और मुगीश ने साजिश
मूलरूप से मेरठ के किठौर निवासी मुगीश उर्फ शानू दो बच्चों का पिता है और वह नवादा में बाइक मैकेनिक का काम करता था। मुगीश और प्रीति के चार साल से पहचान और प्रेम संबंध थे। तत्कालीन एसपी देहात अभिषेक यादव ने खुलासा किया था। डेढ़ साल पहले परिजनों को दोनों के प्रेमप्रसंग की भनक भी लग गई थी औैर वह विरोध करने लगे थे। परिजनों ने प्रीति का रिश्ता तय कर दिया था। मगर वह मुगीश से ही शादी करना चाहती थी। प्रीति के परिजन अक्सर मौलवी सलीमुद्दीन के साथ बदायूं स्थित दरगाह पर जाते थे। वहां जाकर परिवार को नींद की गोलियां देकर पहले भी मुगीश और प्रीति मुलाकात करते थे। रिश्ता तय कर देने के कारण दोनों ने भागने की योजना बनाई।
मुगीश ने मुहैया कराई थी प्रीति को नींद की 30 गोली
प्रीति और उसके परिजन 25 अगस्त की शाम सात बजे तक चादर चढ़ाने में लगे रहे। मुगीश कार लेकर बदायूं पहुंचा और उसने मौका पाकर प्रीति को नींद की गोलियां मुहैया करा दीं। इसके बाद प्रीति ने कोल्ड ड्रिंक में नींद की 30 गोली मिला दीं। उसने पिता राजे, मां धर्मवती, भाई ललित, भाभी शीतल, मामा राजेंद्र, मामी प्रीति, मौलवी सलीमुद्दीन व चालक ओमपाल को पेय पदार्थ पिला दिया। इस बीच अपने भाई ललित को चादर चढ़ाने के लिए भेज दिया। ललित सबसे आखिर में चादर चढ़ाने गया और मजार पर जाकर बेहोश हो गया। ओमपाल की जेब से प्रीति ने कार की चाबी निकाल ली और मामा राजेंद्र को अपने भाई ललित का हाल जानने के लिए दरगाह पर भेज दिया।
नहर में कार को धकेलते स्थानीय लोगों ने देखा तो हुआ खुलासा
पांचों लोगों को बेहोशी की हालत में लेकर मुगीश ईको चलाकर नहर तक ले गया। पुलिस का दावा था कि मुगीश और प्रीति ने नहर किनारे इको को पटरी पर चढ़ाया और फिर दोनों ने पीछे खड़े होकर कार को नहर में धकेल दिया। इसके बाद नहर के पास जाकर उन्होंने कार की खिड़की भी खोली जिससे पानी जल्दी अंदर चला जाए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने दोनों को देख लिया था और पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। वहीं, मुगीश और प्रीति वारदात के बाद पहले होटल में रुके और फिर सुरक्षा मांगने हाईकोर्ट जाने वाले थे तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
कुल 32 गवाह, परिजन ने दी गवाही
ये घटना गौतम बुद्ध नगर ही नहीं देश भर में चर्चित हुई थी। न्यायालय में केस की सुनवाई चल रही है। परिवार के तीन लोगों की गवाही हो चुकी है। गवाही में प्रीति और मुगीश के खिलाफ बयान दिए गए हैं। पुलिस, चिकित्सक व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान होने बाकी हैं। - श्याम सिंह, सहायक शासकीय अधिवक्ता
गौतम बुद्ध नगर जेल में अन्य बंदी प्रीति व मुगीश से अभद्रता करते थे। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों का दूसरी जेलों में स्थानांतरण किया गया है। परिवार के लोगों ने प्रीति की पैरवी नहीं की। इसके चलते सरकार की ओर से मैं प्रीति की ओर से पैरवी कर रहा हूं। मुगीश भी मुझसे केस की पैरवी करने की गुजारिश कर चुका है।- किशनलाल पाराशर, प्रीति के अधिवक्ता