शहर में नंदन वन व आयुष वन तो गांव में बनेंगे ग्राम वन
मुख्य विकास अधिकारी ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर संबंधित विभाग से मांगी कार्य योजना
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को मिली है जिम्मेदारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहरी क्षेत्र में नंदन वन और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम वन बनाए जाएंगे, जबकि एक आयुष वन भी बनाया जाएगा। तीनों प्राधिकरण, जिला पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग पर इनकी जिम्मेदारी होगी। बृहस्पतिवार को इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभाग से तीन दिन के अंदर कार्य योजना मांगी है, ताकि नंदन, ग्राम और आयुष वन को बनाने का काम समय पर पूरा हाे सके।
मुख्य विकास अधिकारी जनार्दन सिंह ने कलेक्ट्रेट के सभागार में जिला पौधरोपण, पर्यावरण एवं वेटलैंड समिति की महत्वपूर्ण बैठक ली। सीडीओ ने बताया कि सरकार ने जिले में नंदन वन, ग्राम वन और आयुष वन बनाने का आदेश दिया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम एक-एक नंदन वन बनाना होगा। उसमें पार्क नहीं होगा, केवल पेड़ होंगे, ताकि लोग वहां छांव में घूम सकें। यह पार्क मथुरा में नंदन पार्क जैसे होंगे। वहीं गांवों में ग्राम वन बनाए जाएंगे। जिला पंचायती राज विभाग को यह जिम्मेदारी मिली है। जिन गांवों में जमीन उपलब्ध होगी, वहां पर ग्राम वन बनाए जाएंगे। ग्राम वन में छायादार के साथ-साथ फलदार पौधे भी होंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग एक आयुष वन बनाएगा, जिसमें औषधीय पौधे होंगे। सीडीओ ने तीनों विभागों से जल्द से जल्द कार्य योजना देने के निर्देश दिए हैं।
गौतमबुद्धनगर में लगाए जाएंगे 3.15 लाख पौधे
पौधरोपण अभियान के तहत गौतमबुद्धनगर के चारों प्राधिकरणों को शासन ने 3.15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है। इसमें यूपीसीडा को एक लाख, यमुना प्राधिकरण को एक लाख और नोएडा प्राधिकरण को 65 हजार व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में 50 हजार फल और छायादार एवं औषधियुक्त पौधे लगाए जाएंगे। जिनसे आक्सीजन भी अधिक मिले और दवाओं आदि में भी प्रयोग किया जा सके।
तालाब के बदले प्राधिकरणों को देनी होगी डेढ़ गुना जमीन
मुख्य विकास अधिकारी ने पर्यावरण समिति के कार्यों की समीक्षा की और कहा कि संबंधित विभाग को एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन करना होगा। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और सूखे एवं गीले कूड़े के निस्तारण में भी नियमों का ध्यान रखना होगा। कहीं पर कूड़ा इकट्ठा नहीं होना चाहिए। वेटलैंड समिति बैठक की समीक्षा में सीडीओ ने कहा कि संबंधित विभागीय तालाबों का मास्टर प्लान तैयार कर आगामी बैठक में उपलब्ध कराएं, ताकि शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। तालाबों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। जो तालाब विकास कार्यों से पूरी तरह प्रभावित है, संबंधित प्राधिकरण उनके स्थान पर 1.5 गुना अधिक बड़े तालाब तत्काल बनवाए।