फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: एक महीने में 1000 हजार लोगों को कुत्तों ने काटा

विज्ञापन
विज्ञापन
एक महीने में एक हजार लोगों को कुत्तों ने काटा
विज्ञापन

रोजाना 30 से ज्यादा लोग पहुंच रहे अस्पताल, डॉग पॉलिसी लागू होने का भी नहीं दिख रहा असर
- 4600 लोगों ने महीनेभर में लगवाई वैक्सीन

- 2380 लोग नोएडा के पहुंचे जिला अस्पताल

- 2220 लोग दिल्ली-गाजियाबाद के शामिल


माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। शहर में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। जनवरी में एक हजार से ज्यादा लोग कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। रोजाना 30 से ज्यादा लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहर में प्राधिकरण की डॉग पॉलिसी लागू होने का भी कोई खास असर नहीं दिख रहा है। कुत्तों के अलावा कई जगह बंदर भी लोगों के डर का कारण बने हुए हैं।

जिला अस्पताल के एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) सेंटर पहुंचने वालों की संख्या जनवरी में करीब 4600 दर्ज की गई। इनमें शहर के एक हजार लोगों ने कुत्तों के काटने पर वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। कॉलोनियों, ग्रामीण इलाकों से लेकर पॉश इलाकों तक से लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। प्राधिकरण ने पालतू कुत्तों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अंजाम देने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी शुरू करने का दावा किया था। इसके अलावा डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना भी अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पवन कुमार अरुण ने बताया कि एआरवी सेंटर में वैक्सीन लगवाने वालों में कोई खास कमी दर्ज नहीं की गई है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का उपलब्ध है।
विज्ञापन


-



दिल्ली-गाजियाबाद के लिए मददगार नोएडा

एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के मामले में नोएडा पड़ोसी शहरों के लिए भी मददगार बन रहा है। जिला अस्पताल के एआरवी सेंटर पर दिल्ली के न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद के खोड़ा से भी काफी लोग आ रहे हैं। यह इलाके नोएडा से सटे हुए हैं। नोएडा के जिला अस्पताल जाकर वैक्सीन लगवाना यहां के लोगों के लिए आसान होता है। जनवरी में करीब 4600 लोगों ने एआरवी सेंटर पहुंचकर वैक्सीन की पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी डोज ली है। इनमें 2380 लोग नोएडा और 2220 लोग दिल्ली-गाजियाबाद के शामिल हैं। इनमें 1260 न्यू अशोक नगर और 960 खोड़ा से पहुंचे, यानि करीब 50 प्रतिशत वैक्सीन पड़ोसी शहरों के लोगों को लगाई गई है।
विज्ञापन





खरोंच पर भी लगवा रहे टीका

सेंटर पर तैनात कर्मियों ने बताया कि 30 से 40 फीसदी लोग रोजाना ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें कुत्ते, बिल्ली या फिर बंदर के पंजे आदि से हल्की खरोंच लगी है। कई लोग बेवजह डर कर वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग वैक्सीन लगाने की मांग करते हैं।


कुत्ता काटे तो बरतें सावधानी

- कुत्ते के काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

- काटने के 24 घंटे के भीतर टिटनेस का टीका लगवाएं।

- 72 घंटे के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं।

- कुत्ते पर नजर रखें, रेबीज के लक्षणों को पहचानें।

-



एक सप्ताह में टीकाकरण

27 जनवरी
160

28 जनवरी
87

30 जनवरी
100

31 जनवरी
109

01 फरवरी
78

02 फरवरी
73

03 फरवरी
102

04 फरवरी
90
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें