नोएडा की जमीं पर उतरेंगे हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा के सितारे
किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट, नोएडा में लगेगी फोटोग्राफर जेएच ठक्कर की तस्वीरों की प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-126 स्थित किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट में छह फरवरी से मशहूर फोटोग्राफर जेएच ठक्कर की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगेगी। सिनेमा के दीवानों को गोल्डर एरा की उन्हीं यादों में फिर से ले जाने के लिए किरण नादर म्यूजियम ऑफ आर्ट (केएनएमए) ने ठक्कर की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाने का ऐलान किया है। यहां 50 और 60 के दशक से पहले पर्दे पर अपनी उपस्थिति से सभी को लुभा लेने वाले सितारों की कुछ खास ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें दिखेंगी। ‘सितारे जमीं पर’ के नाम से केएनएमए यह प्रदर्शनी लगाने जा रहा है।
आज के इस डिजिटल दौर में भले ही रंगीन तस्वीरों ने अपनी जगह बना ली है, लेकिन यह सच है कि ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों में उन पुराने सितारों को देखना किसी सपने की दुनिया में खो जाने जैसा एहसास देता है। केएनएमए की प्रदर्शनी सिनेमा के सभी प्रशंसकों को सपनों की उसी दुनिया में ले जाने के लिए तैयार है। जहां उस दौर के संगीत के साथ अपने चहेते सितारों की खास ब्लैक एंड व्हाइट पोर्ट्रेट फोटोग्राफ देखने को मिलेगी। गौरतलब है कि 1993 मुंबई नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स, वर्ष 2000 में नई दिल्ली नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट और 2016 में डॉ. भाऊ दाजी लाड मुंबई सिटी म्यूजियम ने उनकी खींची तस्वीरों को प्रदर्शित किया था। अब केएनएमए एक बार फिर हिंदी सिनेमा के गोल्डर एरा की उन यादों को जीने का मौका दे रहा है। इसे देखने के लिए जिले के लोग काफी उत्सुक हैं।
जाहिर है कि बात जब हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा के सितारों की हो, तो उन्हें निखारने से पहले पर्दे पर उनकी मौजूदगी के साथ ही उस दौर में खींचे गए पोर्ट्रेट की भी बड़ी भूमिका रहती थी। आजादी के बाद के दो दशक को हिंदी सिनेमा का गोल्डन एरा कहा जाता है और इसी गोल्डन एरा में ब्लैक एंड व्हाइट को लेकर खास समझ के दम पर जेएच ठक्कर ने अपनी पहचान बनाई थी। उस दौर में दिलीप कुमार, मधुबाला, मीना कुमारी, नरगिस, राज कपूर और देवानंद जैसे सितारे ठक्कर के पास अपनी तस्वीरें खिंचाने आया करते थे।
कौन हैं जेएच ठक्कर
जेएच ठक्कर का परिवार मूलत: पाकिस्तान के क्वेटा में रहता था। बंटवारे के समय वह मुंबई चले आए। यहां उन्होंने दादर में चित्रा सिनेमा के ठीक पीछे अपना फोटो स्टूडियो खोला था। ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों को लेकर खास समझ और रोशनी के बेहतरीन इस्तेमाल से उन्होंने सिल्वर जिलेटिन प्रिंट पर पोर्ट्रेट फोटोग्राफ खींचने के मामले में अपनी अलग पहचान बना ली थी। 1953 में फुटपाथ फिल्म के लिए दिलीप कुमार की खींची गई तस्वीर उनकी यादगार तस्वीरों में से है। चोरी-चोरी में राज कपूर और नरगिस की तस्वीर भी उन्होंने ही खींची थी। धीरे-धीरे सिनेमा में जैसे-जैसे टेक्नीकलर का जमाना आता गया, जेएच ठक्कर ने खुद को सिनेमा से दूर कर लिया। 1968 में उन्होंने सिने सितारों की तस्वीरें खींचना छोड़ दिया था। इसके बाद वह आम लोगों की तस्वीरें खींचकर अपनी कला को निखारते रहे। 2003 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।