रोहतक। यदि किसी को खाना निगलने में परेशानी हो। मुंह में बार-बार छाले होते हों। खाना अटकता हो। पेशाब की आदत में बदलाव हुआ हो। पेशाब रुक-रुक कर आती हो। लंबे समय तक खांसी रहना, खांसने पर खून आना, महिलाओं में गंदे पानी की शिकायत, अपच, पेट का फूलना, बच्चों में बुखार का लंबे समय तक रहना, वजन का कम होना, भूख न लगना ये सभी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। यह कहना है पीजीआईएमएस के ओंकोलॉजी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संजीव प्रसाद का।
शनिवार को चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में सर्जिकल ऑनकोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। यहां मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल व विशिष्ट अतिथि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह उपस्थित रहे।
कुलसचिव ने कहा कि हमें कैंसर के लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर अपनी जांच करा कर इलाज लेना चाहिए। चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज नहीं रहा है। बशर्ते हम उसका समय पर इलाज कराएं। हमें कैंसर से डरना नहीं है, अपितु उसको मिलकर हराना है। डॉ. संजीव प्रसाद ने कहा कि इस वर्ष कैंसर की थीम क्लोज द केयर गैप रखी गई है। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके। डॉ. गोपाल ने कहा कि संस्थान में कैंसर के इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में हमें अपने खानपान व रहन सहन की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। जनसंपर्क विभाग के प्रभारी डॉ. उमेश यादव ने कहा कि डब्लूएचओ के आंकड़े के अनुसार, कैंसर से होने वाली मौतों में से एक-तिहाई का कारण अधिक वजन होना, फलों-सब्जियों का कम सेवन करना, व्यायाम न करना, तंबाकू और शराब का सेवन करना शामिल है। इस मौके पर रेडियोथैरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कौशल, डॉ. सुधीर अत्री, डॉ. विरेंद्र, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. अजय श्योराण, डॉ. गरिमा, डॉ. गोपाल, डॉ. साजन, आचार्य शकुंतला, सुशीला समेत छात्राएं उपस्थित रही।