मेरठ। फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचने की आड़ में क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बनकर ठगी करने वाला नदीम निवासी असीलपुर की तलाश में एसटीएफ ने ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने उसका अपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। इसमें उस पर 10 से ज्यादा मुकदमे मिले। यह आरोपी हथियार सप्लायर फराहद का परिचित भी निकाला। फराहद को एसटीएफ ने सात पिस्टल के साथ बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी नदीम के कई पुलिसकर्मियों से गहरे संबंध हैं। बताया गया कि वह पुलिस का मुखबिर बनकर अपना गिरोह चला रहा था। नदीम एक बसपा नेता का करीबी भी बताया गया है।
एसएसपी ऑफिस के पास एसटीएफ ने लावारिस हालत में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद की थी। इसमें विदेशी पिस्टल बरामद हुई थी। पुलिस के मुताबिक एसटीएफ गाड़ी मालिक के फोन को सुन रही थी, जिसमें गाड़ी बेचकर पैसा लेने और फिर क्राइम ब्रांच वाले बनकर लूटपाट की योजना बनाने की बात कही गई थी। गाड़ी मालिक नदीम ने एक युवक को गाड़ी छह लाख रुपये में बेची थी। इसका सेल लेटर कचहरी में तैयार कराया जा रहा था। गाड़ी के डैसबोर्ड में विदेशी पिस्टल रख दी, गाड़ी खरीदने वाले को गिरफ्तारी का डर दिखाकर लूटपाट की जा सके।
पुलिस के मुताबिक नदीम का संबंध हथियार सप्लायर फराहद से है। वह उसका रिश्तेदार भी बताया गया है। एसटीएफ ने फराहद से पूछताछ करने के बाद नदीम की तलाश में कई जगह पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि पुलिस टीम के साथ नदीम की तलाश में दबिश जारी है। उसकी गिरफ्तारी पर कई राज खुलेंगे।