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Noida News: साउथ कोरिया की युवतियों की विश्वविद्यालय में धर्मांतरण की पाठशाला, हंगामा

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मेरठ। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को साउथ कोरिया की दो युवतियों ने धर्मांतरण की पाठशाला लगा दी। आरोप है कि दोनों युवतियां ईसाई धर्म को सर्वोच्च धर्म बताकर छात्र-छात्राओं को अपनाने की बात कह रही थी। इस पर छात्रों ने हंगामा कर दिया। सीओ सिविल लाइन और मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों को समझा शांत किया और दोनों युवतियों को तेजगढ़ी पुलिस चौकी ले आई। पुलिस ने दोनों युवतियों को भैसाली अड्डे से बस में बैठाकर दिल्ली रवाना कर दिया।
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विवि में शनिवार दोपहर साउथ कोरिया की दो युवती पहुंची। कैंपस स्थित प्रशासनिक भवन के पास मंदिर के सामने दोनों युवतियां खड़ी थी। उन्हें देखने के लिए छात्रों की भीड़ लग गई। आरोप है कि युवतियों ने छात्र-छात्राओं को ईसाई धर्म के बारे में जानकारी देनी शुरू की। वह धर्मांतरण की बात कहने लगी। इस पर छात्रों ने हंगामा कर दिया और जय श्रीराम के नारे लगाए। विश्वविद्यालय में हंगामे की सूचना पर मेडिकल व सिविल लाइन थाना पुलिस और सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया कैंपस में पहुंचे और उन्होंने छात्रों को समझाकर शांत किया।
पुलिस दोनों युवतियों को कैंपस से सुरक्षित निकालकर मेडिकल थाने ले गई। पुलिस ने पूछताछ की और उनके वीजा चेक किए। एलआईयू भी विश्वविद्यालय पहुंची और छानबीन की।
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युवतियों ने बताया कि छात्रों ने उन्हें घेर लिया था और उनसे ईसा मसीह के बारे में पूछा तो उन्होंने उनके बारे में विस्तार से बताया, लेकिन छात्रों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
एसपी सिटी पीयूष सिंह का कहना कि धर्मांतरण कराने का आरोप गलत है। युवतियों की एक परिचित युवती ने विवि के बारे में उनसे बताया था। जिसके चलते वह कैंपस में घूमने आई थी।

बाहरी छात्रों के प्रवेश पर लगेगी रोक
विवि के चीफ प्रोक्टर प्रो. वीरपाल सिंह ने बताया कि जांच में धर्मांतरण का कोई मामला सामने नहीं आया है। विदेश से दो युवतियां कैंपस में आई थी, जिनका कहना था कि छात्रों ने उनसे ईसाई धर्म के बारे में पूछा तो उन्होंने बता दिया। उन्होंने कहा कि विवि के सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चेकिंग में बाहरी छात्र-छात्राएं मिलते हैं तो उन्हें पुलिस को दिया जाएगा।
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