खरखौदा। अजराड़ा में खसरा और बुखार ने पैर पसार दिए हैं। बच्चों समेत दर्जनों लोग इसकी चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार दिन में पीड़ित परिवारों के करीब 1000 बच्चों का टीकाकरण किया है।
सर्च अभियान के दौरान गांव अजराड़ा में स्वास्थ्य विभाग की टीम को खसरा के पांच एक्टिव केस मिले। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में सर्वे कराया तो खसरे के सैकड़ों मरीजों में लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव में कैंप किया। स्वास्थ्य विभाग के साथ आंगनबाड़ी, संगिनी, आशा सदस्यों की 21 टीमें बनाकर घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। शनिवार को करीब डेढ़ सौ मरीजों में खसरे के लक्षण मिले। अजराड़ा के अलावा गांव पीपली खेड़ा, मिलक मढैया व खंदावली में भी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव गांव जाकर नमूने एकत्र कर रही है।
खसरा के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, खसरा बीमारी वायरस से चलती है। अधिकतर तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान यह बढ़ती है। इसमें तेज बुखार व शरीर पर लाल चकत्ते पड़ते हैं। इसके अलावा उल्टी या दस्त भी हो सकता है।
मरीजों का नहीं हुआ टीकाकरण
सर्वे टीम के अनुसार, गांव में जो भी बच्चे या किसी वर्ग का कोई व्यक्ति खसरा से पीड़ित है, उनसे जानकारी में पता चला कि उसका पहले टीकाकरण नहीं हुआ।
स्थिति काबू में है। 21 टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। गांव में दो स्थानों पर पिछले चार दिन में करीब 1000 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। मंगलवार तक गांव में टीकाकरण किया जाएगा। -प्रफुल्ल कुमार वर्मा, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी खरखौदा।
काली नदी से फैल रही बीमारी
खरखौदा। गांव अजराड़ा में फैल रही बुखार व चेचक की बीमारी को लेकर ग्रामीणों ने बैठक कर काली नदी को साफ कराने की मांग की। गांव में डॉ. फुरकान त्यागी के नेतृत्व में बैठक हुई। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से काली नदी की सफाई करने का कई बार दावा हो चुका है। इसके बाद भी नदी में शहर सहित कई फैक्ट्रियों का गंदा पानी व मृत मवेशी बहाए जा रहे हैं। क्षेत्र का भूजल व वातावरण दोनों प्रदूषित हो चुका है। नदी किनारे बसे गांवों में बुखार के अलावा लीवर, किडनी व त्वचा रोग फैल रहे हैं। इस मौके पर चौधरी इरशाद, मंसूर अहमद, जाकिर, सतीश कुमार, राजपाल, शाहरुख खान व तालिब सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाद