मेरठ। उपाध्यक्ष की ओर से अवैध कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण के पूर्व में जारी किए गए आदेशों पर एमडीए की टीमों ने शनिवार को अमल किया। आदेशों पर अब तक अमल नहीं होने पर उपाध्यक्ष की ओर से जिम्मेदारों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए तो तब प्रवर्तन टीमें जेसीबी लेकर पुलिस के साथ मौके पर निकलीं। निर्माणाधीन कई कालोनियों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
रमेश द्वारा भूड़वराल परतापुर में करीब 20 हजार वर्ग मीटर में सड़क बनाकर प्लाटिंग की गई। 22 जनवरी, 2022 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ, मगर कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को यहां बनी सड़क, अवैध प्लाटिंग व चहारदीवारी को ध्वस्त किया। फारूक ने चार खंभा रोड के निकट समर गार्डन पर 3500 वर्ग मीटर में भूतल पर बड़े भू-भाग के उपविभाजन के उद्देश्य से सड़क चिह्नित करके विकास कार्य किया। सात अक्तूबर 2022 में हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पर सड़क, प्लाटिंग की चहारदीवारी को तोड़ा गया। सदाकत, मेहराज सिद्दीकी व परमात्मा शरण एवं अन्य ने खसरा संख्या 370 ग्राम बजोट में करीब 9000 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी का विकास कार्य कराया। जिसके ध्वस्तीकरण का आदेश 16 फरवरी को जारी हुआ, मगर अब सड़क, प्लाटिंग की चहारदीवारी व साइट आफिस को ध्वस्त किया।
यशपाल सिंह द्वारा गांव मामेपुर सिखेड़ा रोड पर करीब 6000 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जिसके तहत सड़क, खडंजा, साइट ऑफिस, प्लाटिंग की चहारदीवारी तोड़ी गई। सुभाष उपाध्याय आदि द्वारा गांव अम्हेडा मवाना रोड पर करीब 4000 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जिसके अंदर सड़क, खड़ंजा, साइट ऑफिस व प्लाटिंग की चहारदीवारी, दुकान एवं शटर आदि को ध्वस्त किया गया। योगेश कुमार द्वारा ग्राम डाबका बाईपास रोड पर करीब 2000 वर्ग मीटर में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जहां सड़क, खड़ंजा व प्लाटिंग की चहारदीवारी तोड़ी गई। सतेंद्र सिंह द्वारा गंगानगर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए लगभग 20 हजार वर्ग मीटर जमीन पर करीब 100 आवासीय भूखंडों का निर्माण करते हुए सड़क व नालियों का विकास कार्य किया। 12 मई, 2022 को ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ। अब सड़कें, साइट ऑफिस, चहारदीवारी व दुकानों के लिए बने आरसीसी कॉलम को तोड़ा। अशोक सैनी द्वारा हसनपुर कदीम में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए लगभग 10 लाख वर्ग मीटर में अवैध तरीके से सड़कें, प्लाटों की चहारदीवारी का कार्य किया। तीन फरवरी 2020 को आदेश पारित होने के बाद अब तोड़फोड़ की गई।
तोड़फोड़ करने वाली टीम में ये रहे मौजूद
जोनल अधिकारी वीके सोनकर, निरंकार सिंह तोमर व अर्पित यादव, अवर अभियंता मनोज शिशौदिया, संजय वशिष्ठ, नरेश शर्मा, सोमेन्द्र प्रताप सिंह, संजीव कुमार तिवारी, वेदप्रकाश अवस्थी, राकेश पंवार आदि मौजूद रहे।