मेरठ। एंटी करप्शन टीम ने उत्तरप्रदेश वित्त निगम के मेरठ ऑफिस की प्रभारी कुसुम लता को पांडवनगर स्थित कार्यालय पर आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उत्तराखंड के चमोली निवासी रिटायर्ड जवान से भू-उपयोग की सत्यापित कॉपी देने के नाम पर यह रकम मांगी गई थी।
पुलिस के मुताबिक चमोली निवासी आईटीबीपी से रिटायर्ड राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1999 में उत्तरप्रदेश वित्त निगम से ही नीलामी में चमोली में ही ब्रदीनाथ रोड पर 500 मीटर जमीन पर बना कोल्ड स्टोरेज खरीदा था। इसी प्रॉपर्टी के 200 मीटर हिस्से पर वित्त निगम ने किसी अन्य का कब्जा बाद में करा दिया था। उनकी ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई थी और फैसला उनके पक्ष में आया है। उस दौरान उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड एक ही था। केस जीतने के बाद उनकी ओर से लगातार वित्त निगम से भू उपयोग के संबंध में सत्यापित दस्तावेज मांगे गए थे। इन दस्तावेज को देने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत कार्यालय प्रभारी/ब्रांच इंचार्ज कुसुम लता ने मांगे थे। बाद में आठ हजार रुपये में बात तय कर ली गई। राजेंद्र प्रसाद ने मेरठ एंटी करप्शन ऑफिस में शिकायत कर दी। एंटी करप्शन आफिस से एक टीम गठित कर वित्त निगम के पांडवनगर स्थित कार्यालय में भेजा गया। दोपहर को जैसे ही राजेंद्र प्रसाद ने रिश्वत के आठ हजार रुपये कुसुम लता को दिए। टीम ने रंगेहाथ कुसुम लता को पकड़ लिया और सिविल लाइन थाने ले गई। आरोपी महिला के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया ने बताया कि एंटी करप्शन की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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