फर्रुखाबाद। हजरत अली की यौमे पैदाइश पर निकले जुलूस ए मौला अली से गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया गया। जुलूस में मौला अली की सदाएं बुलंद रही। जगह-जगह पर अकीदतमंदों ने तोप से फूल बरसा कर स्वागत किया।
रविवार शाम लाल दरवाजा स्थित वारसिया मस्जिद से जुलूस को सूफी पप्पन मियां, सैयद आफताब हुसैन, इंतजार हुसैन ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस के आगे घोड़ों पर बच्चे थे। हाफिज दिलशाद रहमानी का नातिया कलाम गूंज रहा।
त्रिपोलिया चौक पर मरकजी गाड़ी से मौलाना सैयद मेराज अली जाफरी चंदन पट्टी बिहार ने तकरीर की। बताया कि हजरत अली पैगंबरे इस्लाम के दामाद थे। उन्होंने इंसाफ पर आधारित समाज की स्थापना की थी। पक्का पुल पर शिया धर्मगुरु मौलाना फरहत अली जैदी ने कहा कि हम सबको मौला अली के उपदेशों से सीख लेनी चाहिए।
टाउन हॉल तिराहा पर शहर ए काजी सैयद मुताहिर अली ने कहा कि हजरत अली के उद्देश्यों से भाईचारे की सीख लेनी चाहिए। सभी एक ईश्वर के बंदे हैं, इसलिए भेदभाव नहीं करना चाहिए। अम्मार अली, विजय कटियार, शिव आशीष तिवारी, अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, हाजी इखलाक खान, शुभम तिवारी, आदि ने चौक पर फूल मालाओं से स्वागत किया।
सैयद मुनव्वर हुसैन, सैयद परवेज हुसैन, आफताब हुसैन, सैफ हुसैन आब्दी, रेबर आब्दी मौजूद रहे।