भरथना (इटावा)। अन्ना मवेशियों के गेहूं की फसल चरने से परेशान किसान ने शुक्रवार सुबह फंदा लगाकर जान दे दी।
भरथना क्षेत्र के गांव पालीखुर्द निवासी सत्यप्रकाश (45) को बंटवारे के बाद दो बीघा जमीन मिली थी। विजयकांती ने बताया कि पति सत्य ने खेत में गेहूं और सरसों की फसल की थी। कड़कड़ाती ठंड में रोजाना रात में फसल की रखवाली करने जाते थे। इसके बाद भी मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। गुरुवार रात को भी मवेशी खेत में घुसे और फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा वह आर्थिक संकट से भी परेशान थे। बेटियां शिवांगी (22) व श्रेया (20) हैं। इनकी शादी की चिंता भी थी। आय इतनी ही थी, जिससे सिर्फ पेट भर सके। बेटा लकी (18) भी काम की तलाश में है। इसी को लेकर पति तनाव में थे।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर से निकले और बगल में खाली पड़े मकान में फंदा लगा लिया। कुछ समय बाद जब पड़ोस की एक बच्ची छत पर आई तो उसने पति को फंदे पर लटका देखा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पूर्व प्रधान श्याम बाबू यादव ने बताया कि अन्ना जानवर किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य शीग्रेश यादव ने बताया कि अन्ना मवेशियों की समस्या को जिलाधिकारी के सामने रखेंगे।