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Noida News: पांच साल में भारत बनेगा दुनिया का नंबर-वन वाहन निर्माता-गडकरी

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पांच साल में भारत बनेगा दुनिया का नंबर-वन वाहन निर्माता-गडकरी
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-जापान जैसे हाइटेक देश को पछ़ाड़कर भारत तीसरे नंबर पर पहुंचा
-देश में सड़क हादसों को 2030 तक 50 फीसदी कम करने का लक्ष्य
माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। ऑटो एक्सपो-2023 का औपचारिक उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के विकास में ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बड़ा योगदान दिया है। आठ साल पहले जीडीपी 2.77 फीसदी थी। अब 6 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे साफ है कि ऑटोमोबाइल उद्योग बढ़ रहा है और अब जापान को पछाड़कर भारत तीसरे नंबर पर आ गया है। अगले पांच साल में भारत वाहन निर्माण के क्षेत्र में दुनिया का नंबर-वन देश बन जाएगा। यह थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने साल-2024 के अंत तक सड़क हादसों में 50 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा है। सड़क हादसों में युवाओं की सबसे अधिक मौत होती है। सड़क सुरक्षा पर सरकार पूरा ध्यान दे रही है लेकिन आम जनता को इसके लिए जागरूक होना होगा। इसमें भी युवाओं को आगे बढ़कर कमान संभालनी होगी। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत साल-2024 तक यूएसए के समकक्ष हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग को स्क्रेप पाॅलिसी बड़ा सहयोग देगी। कबाड़ नीति से वाहनों की बिक्री में 24-25 फीसदी तक वृद्धि होगी और कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत में 33 फीसदी की कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह साफ है कि जो लोग अपना पुराना वाहन कबाड़ में बेचेंगे, वह नया भी जरूर लेंगे। कंपनियों को कहा गया है कि जो ग्राहक कबाड़ प्रमाणपत्र दिखाए उनको नए वाहनों पर छूट देनी चाहिए। हालांकि वित्त मंत्रालय से भी कुछ छूट दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सेमी कंडक्टर की समस्या काफी गंभीर है और दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कबाड़ नीति भी इस तरह के उपकरण बनाने में काफी सहायक हो सकती है।
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उन्होंने कहा कि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण से दिल्ली जाने का मन नहीं करता। प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जाना बेहतर विकल्प है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। कुछ समय बाद भारत में 10 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक बसें होंगी। वाहन कंपनियों ने दिखाया है कि भविष्य में गाड़ियों का रूप कैसा होगा, इसकी तस्वीर मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा, एमजी और टोयोटा कंपनी ने दिखाई है।
प्रदूषण में कमी लाने के लिए उन्होंने कहा कि जो लोग 50 किलोमीटर के दायरे में काम करते हैं, उन्हें सार्वजनिक परिवहन के साधनों का प्रयोग करना चाहिए। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में उन्होंने कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़, मेरठ, देहरादून, हरिद्वार, अमृतसर, कटरा, मुंबई से बैंलूरु समेत कोई भी शहर बेहतर सड़कों की वजह से दूर नहीं रहा। 2 से 12 घंटे में इन शहरों में पहुंचा जा सकता है। वहीं, इथेनॉल पर भी लगातार काम किया जा रहा है। इससे अगले कुछ सालों में किसानों से पराली खरीदकर उससे इथेनॉल बनाया जाएगा।
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बैट्री निर्यातक बनेगा भारत-महेंद्र नाथ पांडेय
भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि भारत में पूरी दुनिया का सिर्फ एक फीसदी वाहन है और सड़क दुर्घटना में मौतों के मामले में हम 11 फीसदी हैं। इसमें कमी लाने की जरूरत है। इस पर सरकार लगातार काम कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहन बैट्री की अधिक कीमत के कारण महंगे हैं, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब भारत बैट्री का निर्यातक भी बगेगा। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ई-वाहनों के लिए फास्ट चार्जर विकसित करने पर लगातार काम कर रहा है। साल-2024 तक बाजार में चार्जर और बैट्री की कमी नहीं खलेगी। भारत में अलगे साल तक 70 हजार इलेक्ट्रिक बसें, 55 हजार चार पहिया, 40 हजार से अधिक तीन पहिया और 10 लाख दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन सड़काें पर होंगे। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित देशों में शामिल हो जाएगा। यह सब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है। इस मौके पर सियाम और एकमा समेत अन्य कई संगठनों के पदाधिकारी और कंपनी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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