ग्रेनो वेस्ट निवासी बेबाक पत्रकार श्वेता यादव (35) की मौत की गुत्थी चार दिन बाद भी अनसुलझी है। 22 नवंबर मंगलवार तड़के ईकोविलेज-3 सोसाइटी की 16वीं मंजिल से कार पर गिरकर श्वेता यादव की मौत हो गई थी। पुलिस ने दावा किया है कि श्वेता ने खुदकुशी की है और परिजन ने भी इस मामले में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है। लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी मौत की गुत्थी सुलझाने की मांग उठ रही है।
श्वेता यादव पत्रकारिता के साथ पीएचडी भी कर रहीं थीं। श्वेता यादव यूट्यूब चैनल चलाने के साथ ब्लॉग भी लिखती थीं। श्वेता का विवाह चार साल पहले बिहार के नालंदा निवासी सुभाष से हुआ था। उनकी तीन साल की एक बच्ची है। वह पति और बेटी के साथ फ्लैट में रह रही थीं। पुलिस का कहना है पति-पत्नी मामूली विवाद रहता था। मंगलवार की देर रात तक श्वेता और सुभाष के लोगों बालकनी में देखा था। बालकनी और रसोई से पुलिस ने एक-एक गिलास बरामद किया है।
पुलिस की सूचना पर जालौन निवासी परिजन भी ग्रेनो वेस्ट पहुंचे लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्होंने लिखकर दिया है कि इस मामले में उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी। लेकिन उनकी लेखनी और बेबाक शैली को लोग काफी पसंद करते थे। यही कारण है कि श्वेता की मौत के बाद और पुलिस के खुदकुशी का दावा लोगों के गले नहीं उतर रहा। उनके परिचित व प्रशंसक उनकी मौत की वजह जानना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी मौत के पीछे साजिश की भी आशंका जता रहे हैं।
सब कुछ बरदाश्त कर सकती हूं रिश्तों में झूठ नही
श्वेता यादव ने अपने फेसबुक बायो में लिखा है सब कुुछ बरदाश्त कर सकती हूं लेकिन रिश्तों में झूठ नहीं। इसके अलावा व फेसबुक पर भी काफी लंबे ब्लॉग लिखती थीं। उन्होंने अपनी मौत से एक दिन पहले भी अपने एक साथी की कहानी भी फेसबुक पर पोस्ट की थी। वे अपनी मासूम बेटी के संबंध में भी अक्सर पोस्ट करती थीं।