संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। गांव आसंडा में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर गोली चला दी। इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। गोली लगने से व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी की हालत नाजुक है। वह पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन है। दोनों में करीब 10 साल से विवाद चल रहा था।
गांव आसंडा के मृतक की पहचान हंसराज उर्फ सोनू के रूप में हुई है। वह जन स्वास्थ्य विभाग सोनीपत में कार्यरत था। वह अपनी मां के साथ सोनीपत में ही रहता था। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह बाइक पर सवार होकर गांव आसंडा स्थित अपने घर आया। यहां 32 वर्षीय पत्नी संतोष पर लगातार दो गोली चलाईं। इसके बाद घर से बाहर निकल खुद को भी गोली मार ली। मौके पर ही हंसराज की मौत हो गई जबकि पत्नी संतोष की सांसें चल रही थीं। उसे पड़ोसियों ने संभाला और सामान्य सांपला के अस्पताल में ले गए, जहां से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। वारदात में अवैध हथियार का इस्तेमाल किया गया है। बताया जा रहा है कि हंसराज का पत्नी संतोष के साथ काफी समय से तनाव चल रहा था। इसी वजह से उसने यह वारदात कर डाली। सूचना मिलने पर आसौदा थाना, मांडोठी चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस मौके पर ही है। जांच की जा रही है।
सोनीपत कोर्ट में चल रहा है तलाक का केस
आसंडा के हंसराज और रोहतक जिले के गांव खरावड़ की संतोष का विवाह 21 फरवरी 2007 को हुआ था। शादी के बाद वे दो बेटों के माता-पिता बने। बड़ा बेटा जतिन 14 साल का और छोटा बेटा नितिन 13 वर्ष का है। हंसराज जन स्वास्थ्य विभाग सोनीपत में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। पुलिस को दी शिकायत में संतोष ने कहा है कि कई साल से दोनों में विवाद चल रहा है। पहले रोहतक न्यायालय में केस चला और अब सोनीपत कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है। इसी कारण पति हंसराज अपनी मां अनिता के साथ सोनीपत में रहता था। वह अलग गांव आसंडा में दोनों बच्चों के साथ रहती है। काफी साल से दोनों में कोई बातचीत नहीं थी।
पहली गोली संतोष बाजू में तो दूसरी गोली छाती में लगी
घायल संतोष ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह वह अपने दोनों बेटों के साथ घर पर थी। बेटे कमरे में बेड पर सो रहे थे और वह बेड के साथ सोफे पर लेटी हुई थी। सुबह करीब साढ़े छह बजे बड़ा बेटा जतिन उठा और दरवाजा खोलकर बाथरूम चला गया। उसी समय छोटा बेटा भी जाग गया। तभी उसका पति हंसराज अपने हाथ में पिस्तौल लेकर कमरे में आ गया। वह कुछ समझ पाती उससे पहले ही हंसराज ने उस पर गोली चला दी। एक गोली संतोष की बाईं बाजू पर और दूसरी गोली छाती के बाईं तरफ लगी। घायल संतोष ने बताया कि अपना बचाव करते हुए उसने अपना दायांं हाथ आगे किया तो एक गोली दाएं हाथ की पहली उंगली पर लगी। बचाओ-बचाओ का शोर करके चिल्लाने लगी तो रोते हुए दोनों बेटे पिता से मां को छोड़ने की गुहार लगाने लगे। हंसराज पिस्तौल सहित घर से बाहर निकला और गली में बैठ पिस्तोल से अपने सिर में गोली मार ली।
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वर्जन
हंसराज व उसकी पत्नी संतोष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शायद तलाक का केस भी अदालत में था। दोनों कई साल से अल-अलग रह रहे थे। संतोष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
-रणदीप ओहल्याण, जांच अधिकारी, आसौदा थाना
-फोटो 12 : हंसराज और संतोष। (फाइल)
-फोटो 13 : गांव आसंडा में घटना स्थल पर पुलिस और ग्रामीण।
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