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उर्दू भाषा को तीसरा दर्जा देने की मांग को लेकर अलवर से आंदोलन शुरू

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उर्दू को तीसरा दर्जा देने की मांग को लेकर अलवर से आंदोलन शुरू
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पिनगवां। राजस्थान में मेवात क्षेत्र के जिला अलवर व भरतपुर में बड़े पैमाने पर उर्दू प्रेमियों व जनता में रोष व्याप्त है। गुरुवार को अलवर जिला के तिजारा में ऑल इंडिया मेवात विकास पंचायत के बैनर पर उर्दू बचाओ आंदोलन शुरू किया गया। जिसमें भरतपुर अलवर, नूंह हरियाणा के उर्दू प्रेमियों और 36 बिरादरी के बुद्धिजीवी लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर उर्दू बचाव तहरीक चलाने और राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का त्यागपत्र मांगने का प्रस्ताव पारित किया गया। मेवात विकास पंचायत के अध्यक्ष जुबेर अलवरी ने कहा कि अलवर से उर्दू बचाओ आंदोलन की तहरीक को आखिर दम तक लड़ा जाएगा। वहीं उर्दू केयर अभियान के सदस्य मुस्तफा कमाल ने बडक़ली चौक पर कहा कि उर्दू और संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति की पहचान कराती हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में उर्दू भाषा के शिक्षकों की भारी कमी है। इस कारण विद्यार्थियों को मनपसंद विषय नहीं मिल पा रहे हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय में भी गुजराती भाषा पढ़ाई जाती है। जिला में 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है। यहां के बच्चों को उर्दू भाषा पढ़ने में आसानी होगी। उर्दू के अलावा संस्कृत भाषा के शिक्षक भी सरकारी स्कूलों में कम हैं, जबकि उर्दू भाषा जिले की मूल भाषा है।
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