17 महीने कतर की जेल में बंद बेटे की वतन वापसी पर छलकी मां की आंखें
- करीब 70 साल की उम्र पूरी कर चुकी अरुणा नागपाल खुशी से फूली नहीं समा रहीं
- बोलीं, उम्मीद ही टूटने लगी थी, मोदीजी उनके बेटे को वापस ले आए, उनका धन्यवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 17 महीने कतर की जेल में बंद बेटे की वतन वापसी पर मां की आखें छलछला गईं। बेटे को देखकर वह खुशी से फूली नहीं समा रही हैं। नोएडा निवासी पूर्व नेवी कमांडर अमित नागपाल को सात अन्य अधिकारियों के साथ कतर में गिरफ्तार कर लिया गया था। भारत सरकार के हस्तक्षेप पर मौत की सजा पाए सभी आठ अधिकारियों की रिहाई के बाद अमित नागपाल नोएडा स्थित अपने घर वापस आ गए हैं। बेटे को सुरक्षित लौटने पर सबसे अधिक खुशी उनकी मां अरुणा नागपाल को है। अमर उजाला से बातचीत में वह कहती हैं कि उनकी तो उम्मीद ही खत्म हो रही थी। प्रधानमंत्री मोदीजी की वजह से ही वह अपने बेटे को वापस देख पाई हैं।
सेक्टर-29 स्थित चर्च व्यू अपार्टमेंट में पूर्व नेवी कमांडर के आने के बाद से उनके आवास पर खुशी साझा करने के लिए रिश्तेदार और दोस्तों की आवाजाही बनी हुई है। सोसाइटी के अंदर उनका घर सभी के लिए आकर्षण बना हुआ है। अमित नागपाल का घर कहां पड़ेगा? अमर उजाला के रिपोर्टर ने जब सोसाइटी में एक व्यक्ति से पूछा तो उसने तुरंत वहां तक पहुंचने में मदद की। घर में मौजूद परिवार के दूसरे सदस्यों के चेहरे पर बनी चमक पूर्व नेवी कमांडर के वापस आने की खुशी को बिना एक शब्द बोले बयां कर देती हैं। बेटे की वापसी के लिए केंद्र सरकार से लंबे समय से मांग कर रहीं अरुणा का कहना है कि उनका एक-एक दिन दु:ख भरा होता था। त्योहार और दूसरे मौके भी बिना खुशियों के गुजरते थे। इस बार उनकी होली उनके बेटे के साथ मनेगी। पति की रिहाई के लिए अलग-अलग मंदिरों में प्रार्थना करने पहुंचीं पत्नी मोंगा नागपाल भी अब खुश हैं। उनका कहना है कि भगवान ने उनकी सुन ली। अब वह पति और बच्चों के साथ अयोध्या धाम सहित सभी प्रमुख मंदिरों में पूजा और दर्शन करने जाएंगीं।
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मुझे नहीं पता, क्या गलतफहमी हुई
मीडिया से बातचीत में अमित नागपाल का कहना है कि 30 अगस्त 2022 की रात को अचानक उनको गिरफ्तार किया गया। उनको अभी तक यह नहीं पता कि आखिर क्या गलतफहमी हुई। इससे पहले सबकुछ ठीक चल रहा था। अचानक जासूसी का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले लंबे समय से वह एक निजी कंपनी के अनुबंध पर कतर की सेना को ही प्रशिक्षण दे रहे थे। लेकिन, उम्मीद बनी हुई थी कि वह बेकसूर साबित होंगे और उनकी रिहाई होगी। करीब 17 महीने जेल में कटे।
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पति आ गए, पत्नी पहुंचीं कतर
पति की रिहाई की जानकारी पत्नी मोंगा नागपाल को नहीं मिल पाई थी। वह अपने पति को छुड़वाने का प्रयास करने के लिए कतर पहुंची हुई थीं। इसी बीच पति को भारत सरकार दिल्ली लेकर आ गई। भारत आने के बाद जब पत्नी को सूचना देने के लिए उन्होंने फोन किया तो कतर में होने की जानकारी मिली। पति की रिहाई की सूचना मिलने के बाद वह वापस लौटीं।