फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित :बेटी को पुरस्कार पाते देख मां हुईं भावुक, पिता और दादा भी गदगद

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

बेटी को पुरस्कार पाते देख मां हुईं भावुक, पिता और दादा भी गदगद
- बेटी को खिलाड़ी बनाने के लिए मां ने छोड़ दिया था सीए का काम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-27 निवासी अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी वंतिका अग्रवाल को जब राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अर्जुन पुरस्कार देकर सम्मानित किया तो मां संगीता अग्रवाल भावुक हो गईं। पिता आशीष अग्रवाल और दादा महेश प्रकाश अग्रवाल भी खुशी से फूले नहीं समाए। मां ने कहा, बेटी का शतरंज खिलाड़ी बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होने सीए का कामकाज भी छोड़ दिया था। सपना है कि उनकी बेटी को खेल के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च पुरस्कार मिले। पिता आशीष ने बताया कि बेटी को अर्जुन पुरस्कार के साथ देखना बिल्कुल सपना देखने जैसा था। इसके लिए उसने रात दिन कड़ी मेहनत की और देश के लिए जीतने का जज्बा दिखाया। वंतिका ने स्कूली शिक्षा नोएडा के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से हासिल की और मौजूदा समय में श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। एमिटी विश्वविद्यालय समूह की चेयरपर्सन डॉ. अमिता चौहान ने कहा, वंतिका ने देश का नाम रोशन किया है। पुरस्कार लेने के बाद पूरे दिन ट्रॉफी के साथ वंतिका सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर ट्रेंड करती रहीं। शतरंज खिलाड़ी वंतिका अग्रवाल का कहना है कि यह पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें