मीटर रीडरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, एफआईआर दर्ज
- विद्युत निगम के अधिकारियों ने मीटर रीडरों के खिलाफ बिसरख थाने में कराई एफआईआर
- मीटर रीडरों की हड़ताल की वजह से करीब 70 हजार उपभोक्ताओं की रीडिंग का कार्य थमा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एसडीओ और मीटर रीडरों के बीच पनपा विवाद पांच दिन बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में बिसरख कोतवाली में केस दर्ज हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ पांचवें दिन भी शुक्रवार को मीटर रीडर कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर रहे। इनके विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने एजेंसी के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की, लेकिन मीटर रीडर केस वापस लेने तक काम पर लौटने के लिए तैयार नहीं हुए।
मीटर रीडर और विद्युत निगम के अधिकारियों के विवाद का खामियाजा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से ग्रेनो वेस्ट और दनकौर क्षेत्र में बिजली बिल तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इन दोनों क्षेत्रों के करीब 70 हजार उपभोक्ताओं के बिलिंग का काम थम गया है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है। ग्रेनो वेस्ट और दनकौर क्षेत्र में टैरा साफ्टवेयर कंपनी रीडिंग का काम करती है। कंपनी के सुपरवाइजर राहुल पंडित ने आरोप लगाया कि बीते दिनों एसडीओ सुशील कुमार सिंह और सहायक अभियंता एससी यादव ने उपखंड कार्यालय पर बैठक बुलाई और बिलिंग कार्य पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रति मीटर रीडर से हर महीने पांच हजार रुपये की वसूली कर देने के लिए अधिकारियों ने दबाव बनाया। 50 से 60 मीटर रीडर इटैरा बिजली उपकेंद्र और दनकौर बिजली उपकेंद्र पर हड़ताल पर हैं। वहीं, विद्युत निगम के ग्रेटर नोएडा के एसडीओ सुशील कुमार सिंह और सहायक अभियंता एससी यादव ने कहा कि मीटर रीडरों द्वारा लगाया गया सभी आरोप निराधार है। लापरवाही का खुलासा होने पर मीटर रीडर झूठे आरोप लगा रहे हैं। मीटर रीडरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।