अपात्र भूस्वामियों को ज्यादा मुआवजा देने के मामले में नपेंगे कई और
- शासन ने प्राधिकरण को जांच करने के बाद मांगी रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद प्राधिकरण और शासन सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अपात्र भूस्वामियों को ज्यादा मुआवजा देने के मामले में नोएडा प्राधिकरण एक बार फिर से जांच करेगा। जांच रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। ऐसे में कई अन्य अधिकारियों के इस मामले में फंसने की आशंका जताई जा रही है। प्राधिकरण के तत्कालीन विधि अधिकारी के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की नोएडा प्राधिकरण और राज्य सरकार के खिलाफ तल्ख टिप्पणी के बाद यह कवायद शुरू हुई है।
नोएडा के सेक्टर-20 थाने में नोएडा प्राधिकरण के दो अधिकारियों और एक भूस्वामी के विरुद्ध फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने अपात्र भूस्वामी को गलत तरीके से 7.26 करोड़ रुपये मुआवजा दे दिया। बताया जा रहा है कि वह मुआवजे का पात्र नहीं था। इसी मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बाद उक्त अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में सुनवाई के दौरान यह भी बात सामने आई कि इस तरह के कई और भी मामले हो सकते हैं। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें नोएडा प्राधिकरण के एक-दो अधिकारी शामिल नहीं है बल्कि पूरा सेटअप है। इस मामले में राज्य सरकार ने जांच क्यों नहीं कराई।
अब शासन ने प्राधिकरण से मांगी पूरी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने प्राधिकरण से कहा है कि इस मामले की जांच कराई जाए। इसमें कौन-कौन दोषी है और कितना भुगतान हुआ है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। दरअसल, इस मामले की सुनवाई पांच अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। राज्य सरकार चाहती है कि इससे पहले वह अपनी तैयारी कर ले ताकि कोर्ट में किसी प्रकार की फजीहत से पहले यह बताया जा सके कि उन्होंने इसके लिए क्या कदम उठाया। इस मामले में जांच के बाद कइयों पर गाज गिर सकती है।
अपात्र किसानों को मुआवजे का मुद्दा चर्चा में
बताया जा रहा है कि इस मामले के खुलने पर कई और भी मामले खुलेंगे, जिसमें अपात्र किसानों को मुआवजा आदि दिलाया गया है। कोर्ट में भी इस बात के संकेत पहले ही दिए जा चुके हैं। सभी मामलों के खुलने पर यह आंकड़ा करोड़ों में जा सकता है और इसमें तत्कालीन अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।