मलेशिया की यूनिवर्सिटी 100 एकड़ में विकसित करेगी एजुकेशनल सिटी
-45 लाख रुपये में यूक्रेन, रूस और उजबेकिस्तान की तरह देगी मेडिकल की शिक्षा
-यीडा क्षेत्र में दो हजार करोड़ का करेगी निवेश, केजी, पीजी और पीएचडी की शिक्षा मिलेगी
-मेडिकल कोर्स से पहले 1200 बेड का बनाया जाएगा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-9 में मलेशिया की लिंकन यूनिवर्सिटी 100 एकड़ में एजूकेशनल सिटी बनाएगी। सिविल एविएशन समेत भारत और विदेश में होने वाली सभी पाठ्यक्रमोंकी पढ़ाई कराई जाएगी। यहां तक कि रूस, यूक्रेन और उजबेकिस्तान की एमबीबीएस की पढ़ाई यूनिवर्सिटी में होगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को 100 एकड़ भूमि और दो हजार करोड़ के निवेश की डीपीआर सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह को सौंपी है। यह करार प्राधिकरण और लिंकन समूह के बीच पिछले दिनों वैश्विक निवेश सम्मेलन में हुआ था। अब प्राधिकरण समूह को जमीन उपलब्ध कराएगा।
लिंकन यूनिवर्सिटी की ओर से दी गई डीपीआर में कहा गया है कि मेडिकल कॉलेज कॉलेज और 1200 बेड का मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। जमीन का आवंटन होने के 15 दिन बाद ही काम शुरू हो जाएगा। फरवरी-2024 तक अस्पताल के निर्माण का कार्य पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। यूनिवर्सिटी की डिप्टी रजिस्ट्रार अर्चिता चक्रवर्ती ने बताया कि मात्र 45 लाख रुपये में पूरी पढ़ाई के बाद डिग्री यहां मिलेगी। उन्होंने बताया कि शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड के साथ-साथ इंटरनेशनल बोर्ड से भी प्रदान की जाएगी।
लिंकन यूनिवर्सिटी का क्षेत्रीय कार्यालय इस समय कोलकाता में है। जो भारत में पहली एजूकेशनल सिटी विकसित करगी। यूनिवर्सिटी में 50 फीसदी से ज्यादा स्टाफ विदेशों का रहेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट आने के बाद से सिविल एविएशन का भी पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें बीबीए और एमबीए में एयरपोर्ट प्रबंधन पर डिग्री दी जाएगी। लिंकन यूनिवर्सिटी के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर इंडिया चैप्टर डॉ. बी अब्दुल रफीक ने बताया कि वेदांत और स्वामी विवेकानंद से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।