लुलु ग्रुप नोएडा में करेगा 5000 करोड़ का निवेश
प्राधिकरण के साथ एक-दो दिन में एमओयू साइन होने की संभावना
नोएडा ने अब तक 87 हजार करोड़ और ग्रेनो ने 88 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर कराए साइन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यूएई का लुलु ग्रुप नोएडा में 5000 करोड़ का निवेश करेगा। प्राधिकरण के अधिकारी इसके लिए लुलु ग्रुप के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। संभव है कि एक-दो दिन में प्राधिकरण का लुलु ग्रुप के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हो जाए।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लुलु ग्रुप के अधिकारियों ने निवेश का वादा किया है। ग्रुप की ओर से 50 हजार वर्गमीटर जमीन की मांग की गई है। ग्रुप की ओर से मॉल या सुपरमार्केट जैसे संसाधन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के किनारे जमीन की मांग की है। संभव है कि जल्द ही उनको लैंड पार्सल भी दिखा दिया जाए, फिर ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले लुलु ग्रुप से जुड़ते हुए लखनऊ में निवेश के आंकड़े को दिखाया जाएगा। लुलु ग्रुप का सालाना टर्नओवर आठ अरब डॉलर का है। इस ग्रुप का कारोबार सबसे अधिक अरब देशों खासतौर पर संयुक्त अरब अमीरात में फैला है। यूएई की राजधानी अबू धाबी में लुलु ग्रुप का मुख्यालय है। इस ग्रुप का कारोबार मध्य पूर्व, एशिया, अमेरिका और यूरोप समेत 22 देशों में है।
-नोएडा-ग्रेनो ने निवेश पर कराए हस्ताक्षर
नोएडा-ग्रेनो को प्रदेश सरकार ने 90-90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी क्रम में मंगलवार तक नोएडा ने 87 हजार करोड़ तो ग्रेनो ने 88 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए। नोएडा-ग्रेनो की सीईओ रितु माहेश्वरी ने इसकी जानकारी दी। इसमें अदाणी ग्रुप के न्यू नोएडा में 5000 करोड़ का निवेश प्रस्ताव शामिल है।
-
हरियाणा के पुराने उद्यमी भी आएंगे उत्तर प्रदेश
फरीदाबाद और पलवल में 300 से अधिक डाइंग और प्रिंटिंग इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो देशभर के परिधान उद्योग के लिए काफी अहम मानी जाती हैं। औद्योगिक और असंगठित क्षेत्रों में चल रही इन इकाइयों को तमाम चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। फरीदाबाद में लंबे समय से टेक्सटाइल पार्क बनाने की मांग पूरी नहीं होने पर अब उद्यमी अपने कारोबार को शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं। फरीदाबाद और पलवल से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का रुख करने की एक वजह यहां एयरपोर्ट, अपैरल पार्क और लॉजिस्टिक हब जैसी सुविधाओं का विकसित होना है। इससे टेक्सटाइल प्रोसेसिंग कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।