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Noida News: ओपीडी पर ताला, वरिष्ठ सर्जन की जगह जूनियर की मिल रही सलाह

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ओपीडी पर ताला, वरिष्ठ सर्जन की जगह जूनियर की मिल रही सलाह
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- जिला अस्पताल में सर्जरी की ओपीडी में अव्यवस्था, शनिवार को आने वाले मरीज दिखाई दिए परेशान

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में सर्जरी से जुड़ी बीमारियों के लिए मरीज भटक रहे हैं। परेशान हाल मरीजों को या तो ओपीडी पर ताला मिल रहा है या फिर वरिष्ठ सर्जन की जगह जूनियर डॉक्टर की सलाह मिल रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में सर्जरी ओपीडी में दिखाने के लिए मरीज परेशान दिखाई दिए। अब सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने शनिवार को ड्यूटी पर रहे दो वरिष्ठ सर्जन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।
शनिवार दोपहर रजिस्ट्रेशन काउंटर से मरीजों को सर्जरी ओपीडी में दिखाने के लिए 26 नंबर कमरे में भेजा जा रहा था। काउंटर से बताया गया कि वरिष्ठ सर्जन वहां बैठकर मरीज देख रहे हैं। एक मरीज संगीता जब ओपीडी पहुंची तो वहां ताला पड़ा हुआ था। मरीज ने वहां मौजूद लोगों से पूछा तो बताया गया कि यहां तो सुबह से ही डॉक्टर नहीं हैं। इसके बाद मरीज को सर्जरी की दूसरी ओपीडी 33 नंबर में भेज दिया गया। यहां भी कोई वरिष्ठ सर्जन मरीजों को देखने के लिए मौजूद नहीं था। उनकी जगह दो जूनियर डॉक्टर सर्जरी की ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। ऐसे में दोनों ही सर्जन को नोटिस देकर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जूनियर डॉक्टर ओपीडी में सहयोग के लिए होते हैं। जबकि वह खुद मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
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सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया, ओपीडी में शनिवार को वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार और डॉ. आरके आर्या की ड्यूटी थी। दोनों ही अपनी ओपीडी में नहीं मिले हैं। ऐसे में उनको नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। सभी वरिष्ठ डॉक्टर्स को यह निर्देश है कि ओपीडी के समय आवश्यक रूप से मौजूद रहकर मरीजों को देखें।
इमरजेंसी में मरीज को देखने गया था
वरिष्ठ सर्जन डॉॅ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि वह सुबह ओपीडी के कमरा नंबर 33 में मौजूद थे। दोपहर में करीब 12:15 बजे इमरजेंसी में मरीज देखने के लिए चले गए थे। डॉ. आर्या को भी ओटी में एक मरीज की ड्रेसिंग करनी थी। इसके लिए वह वहां पर थे। सर्जरी ओपीडी खाली नहीं रहे, इसके लिए जूनियर डॉक्टर को वहां मरीज देखने को कहा था। जरूरत होने पर वरिष्ठ सर्जन को जूनियर डॉक्टर ओपीडी में बुला लेते हैं। ड्यूटी के समय दोनों ही सर्जन अस्पताल में मौजूद थे।
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अधिकांश ओपीडी में जूनियर करते इलाज
जिला अस्पताल में अधिकांश ओपीडी में यही हाल है। कमोबेश सभी ओपीडी में कुछ समय के लिए वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहते हैं। इसके बाद ओपीडी में सहयोग करने और खुद सीखने के लिए आए जूनियर डॉक्टर ही मरीज देखते हैं। सीएमएस ने इसके लिए सख्ती भी की थी लेकिन कुछ ही समय बाद रवैया फिर से वही हो गया।
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