लिफ्ट में फंसी बुजुर्ग महिला को बाहर निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेनो वेस्ट की पंचशील सोसाइटी के दो अलग-अलग टावरों में अलग-अलग समय पर तीन बार लोग लिफ्ट में फंसे रहे। इनमें टावर-दो में दादी-पोते करीब 20 मिनट तो इसी लिफ्ट में महिला घरेलू सहायिका के साथ फंसी रही। इसी सोसाइटी के टावर-आठ में एक महिला और तीन बच्चे करीब 15 मिनट तक लिफ्ट में फंस रहे। लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान न तो अलार्म और न ही इंटरकॉम ने काम किया। सूचना पर फैसिलिटी मैनेजर ने लोगों को निकाला।
पंचशील हाइनिश सोसाइटी निवासी भुवनेश गौतम ने बताया कि मंगलवार की सुबह उनकी बुजुर्ग मां सर्वेश गौतम (60), उनके बेटे सूर्यांश (5) 12वीं मंजिल से स्कूल छोड़ने जा रही थी। बालकनी से उनकी पत्नी ने देखा तो दादी-पोते काफी देर तक नीचे नहीं पहुंचे थे। उन्होंने किसी को लिफ्ट के पास भेजकर जानकारी कराई तो पता चला कि टावर-दो की लिफ्ट में दादी-पोते फंसे हैं।
भुवनेश ने बताया कि उनकी मां दिल की मरीज है। घटना के वक्त वह खुद के साथ बच्चे को कैसे संभाल रही होंगी। इस बात को लेकर चिंतित थे। अलार्म और इंटरकॉम की सुविधा नहीं होने से पत्नी सीढि़यों से भागती हुई फैसिलिटी के पास पहुंची और घटना की जानकारी दी। टावर के ही लोगों ने उनको जैसे-तैसे बाहर निकाला।
इसी लिफ्ट में 10वीं मंजिल पर दीप्ति रहती है और वह ग्राउंड फ्लोर के लिए जा रही थीं। अचानक आधे में लिफ्ट फंस गई। घटना से घबराई महिला की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन इमरजेंसी में फैसिलिटी से उनको कोई मदद नहीं मिल सकी। उनको घरेलू सहायिका ने किसी तरह ढाढस बंधाया और धैर्य के साथ बचाया। ऐसे में कुछ भी हो सकता था। वह करीब 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही थी।
उधर टावर आठ निवासी अजय ने बताया कि उनकी पत्नी बच्चों को स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। उनके अलावा तीन बच्चे भी लिफ्ट में थे और अचानक लिफ्ट बंद हो गई। इससे करीब 10 मिनट तक सभी लोग फंसे रहे और लोगों ने शोर मचाया तो उनको किसी तरह बाहर निकाला जा सका। उस समय लिफ्ट में अलार्म और इंटरकॉम जैसी इमरजेंसी सुविधाएं नहीं चल रही थीं।