अभियोजन अधिकारी जेपी भाटी ने बताया कि सूरजपुर निवासी महिला ने 27 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मासूम बच्ची अपने घर के बाहर छोटे भाई के साथ खेल रही थी। तभी पड़ोस में किराये पर रहने वाला नन्हे मिश्रा पीड़िता को टॉफी देने के बहाने अपने कमरे में बुलाकर ले गया। पीड़िता का छोटा भाई भी कुछ देर बाद अपनी बहन के पीछे आरोपी के कमरे के बाहर पहुंच गया।
मासूम बच्चे अपनी मां को जाकर बताया कि नन्हे ने उसकी बहन से गलत काम किया है। पीड़ित तेजी से आरोपी के कमरे में पहुंची, तो पीड़िता के खून निकल रहे थे। तभी मकान मालिक का बेटा भी वहां पहुंच गया। आरोपी को पहले उसके कमरे में बंद किया। फिर थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस आरोपी पर पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय ने केस की सुनवाई की। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद सोमवार को नन्हे को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।
पीड़िता के गिरने से चोट का हवाला देकर अभद्रता करने लगा था दुष्कर्मी
पुलिस को दी गई शिकायत में मासूम बच्ची की मां ने कहा था कि जब उनके छोटे बेटे के दरिंदगी की जानकारी देने के बाद वह नन्हे के कमरे में पहुंची तो वह खुद को बचाने के लिए पीड़िता के गिरने से चोट लगने का हवाला देने लगा। आरोपी अभद्रता भी करने लगा। लेकिन पीड़िता से बात करने के बाद दुष्कर्मी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।