मुख्यमंत्री आवास सौंदर्यीकरण पर मीडिया रिपोर्ट का लिया संज्ञान
मुख्य सचिव को सभी तरह के दस्तावेज सुरक्षित रखने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री आवास के सौंदर्यीकरण पर चल रहे सियासी घमासान के बीच उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मामले का संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि जांच कर सभी संबंधित तथ्यों की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर उन्हें पेश की जाए। इस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, मुख्य सचिव को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज को सुरक्षित रखने के भी आदेश दिए गए हैं।
दरअसल, सौंदर्यीकरण पर करीब 45 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है। इसका रिकॉर्ड सार्वजनिक होने के बाद भाजपा व आम आदमी पार्टी में सियासी जंग जोरों पर है। विपक्ष उपराज्यपाल से लगातार इस मामले में जांच की मांग कर रहा है। इसी कड़ी में उपराज्यपाल ने भी मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है। मुख्य सचिव को दिए निर्देश में उपराज्यपाल ने कहा है कि मीडिया में मुख्यमंत्री आवास के मरम्मत में अनियमितताओं से जुड़ी खबरें आ रही हैं। यह मामला बेहद संवेदनशील है। तत्काल प्रभाव से इस मामले के सभी रिकॉर्ड मुख्य सचिव सुरक्षित करें। साथ ही, इससे जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच भी होगी। पंद्रह दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट राजनिवास को देनी है।
अवैध निर्माण किया गया : अजय माकन
कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के सरकारी बंगले को नए सिरे से नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि यह ब्रिटिश काल का है। ऐसा किया गया है तो यह अवैध निर्माण है।
भाजपा का सात दिन तक चलेगा प्रदर्शन
प्रदेश भाजपा ने सोमवार से लगातार सात दिनों तक सातों संसदीय क्षेत्रों में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगने का निर्णय लिया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने बताया कि 1 मई से 7 मई तक भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। भाजपा का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी नहीं छोड़ देते।