डेढ़ साल में 100 से भी कम लोगों ने एसओएस से मांगी मदद
- आपात बटन की मदद से पीड़ित तत्काल दे सकता है इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम को किसी भी घटना की जानकारी
रणजीत मिश्रा
नोएडा। डेढ़ साल में महज 99 लोगों ने आपात मदद बटन (एसओएस) से मदद मांगी है। शहर में 84 स्थानों पर एसओएस बटन लगाए गए हैं। प्रचार प्रसार में कमी के कारण बटन से सहायता मांगने वाले लोगों की संख्या बेहद कम है।
इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि वह यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सीसीटीवी के माध्यम से हमेशा लाइव रहते हैं। इसके अलावा वह कैमरे के साथ लगे लाउडस्पीकर की मदद से भी घोषणा कर यातायात की जानकारी और सीसीटीवी के साथ लगे आपात मदद बटन के बारे में जागरूक कर रहे हैं। लेकिन प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि इसमें कहीं न कहीं कसर जरूर रह गई है। जिस वजह से लोग इस बटन का उपयोग आपात समय में मदद के लिए नहीं कर पा रहे हैं।
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ऐसे लें एसओएस से मदद
शहर के विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल के साथ लगे सीसीटीवी कैमरे वाले पिलर पर एसओएस बटन का बॉक्स लगा हुआ है। इसमें लगे बटन को दबाकर आप अपनी शिकायत तत्काल कमांड कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकते हैं। बटन दबाते ही संपर्क कंट्रोल रूम से हो जाएगा और लोकेशन भी कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगा। जहां से तुरंत पुलिस की सहायता मिल जाएगी।
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केस स्टडी : दो सितंबर 2023 को सूरजपुर निवासी परिवार का बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास ऑटो में बैग छूट गया था। उन्होंने एसओएस बटन दबाकर तुरंत इसकी सूचना कमांड कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही यातायात कर्मियों ने ऑटो चालक की फुटेज देखकर उसकी पहचान की। करीब पांच लाख रुपये की ज्वेलरी से भरा बैग सकुशल परिवार को लौटा दिया गया। इसी तरह से अन्य कई मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल एसओएस से सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए तत्काल पीड़ित को मदद पहुंचाया है, हालांकि इनकी संख्या कम रही है।
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कमांड कंट्रोल रूम से शहर की सुरक्षा के लिए 24 घंटे योगदान दे रहे हैं। हर कॉल पर मदद दी जा रही है। लोगों को आपात मदद बटन का उपयोग करने के लिए लगातार घोषणा कर जागरूक भी किया जा रहा है। यहां लोग सीधे 112 डायल कर मदद मांग रहे हैं। बहुुत कम लोग आपात बटन का प्रयोग कर रहे हैं।
- अनिल कुमार यादव, डीसीपी ट्रैफिक नोएडा।