वन विभाग की मांग के बाद शुक्रवार सुबह से 42 मीटर ऊंची उनकी हाइड्रोलिक प्लेटफार्म से निगरानी की जा रहा है। वहीं, ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। बता दें कि करीब एक सप्ताह बाद भी वन विभाग को तेंदुए को पड़कने में सफलता नहीं मिलने नहीं मिली है। जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। कई सोसाइटी में निवासियों ने सुबह-शाम टहलना बंद कर दिया है। बच्चों को घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। खासकर अजनारा ली गार्डन समेत आसपास की कई सोसाइटियों में दहशत का माहौल है।
वहीं, शाम ढलते ही आसपास की सोसाइटी में सन्नाटा छा जात है। अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन और बिल्डर प्रबंधन ने सुरक्षा गार्डों को विशेष निगरानी रखने के लिए कहा है। उधर अजनारा ली गार्डन सोसाइटी में लगाए गए पिंजरों में बकरी बांधने के बाद भी तेंदुआ नहीं आया।
अब सोसाइटी निवासी सर्च अभियान में लापरवाही बरतने की बात कहने लगे हैं। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि जब तक हिंसक जानवर पकड़ा नहीं जाता। वह बच्चों को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। दरअसल अजनारा ली सोसाइटी अभी भी निर्माणाधीन है। यहां करीब 1500 परिवार रह रहे हैं। निर्माणाधीन टावर में तेंदुआ देखे जाने का दावा किया जा रहा है।