पुन्हाना। लंपी बीमारी से ग्रसित पशु जिले में रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। ये बीमारी अब 100 गांवों में पहुंच गई है। जिले में 450 पशु बीमारी से ग्रस्त हैं। 100 ठीक हो चुके हैं, जबकि 9 की गायों की मौत हो चुकी है। भले ही पशुपालन विभाग इसे नियंत्रण में बता रहा है लेकिन पशुपालकों में अब भी भय बना हुआ है।
पशुपालन विभाग जिले में 31 हजार पशुओं को टीके लगा चुका है। जिले में 25 टीमों 12 गोशालाओं सहित सभी गांवों की निगरानी कर रहे है। गोशाला और किसानों के पास जिले में कुल 31500 गाय तथा करीब एक लाख 70 हजार भैंसें हैं। पशु पालन विभाग नूंह के डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि नूंह जिले के बिछौर, पुन्हाना, पिनगवां, तावडू, फिरोजपुर झिरका खंडों के 100 गाव लंपी बीमारी की चपेट में आ गए हैं। कुल 450 पशुओं में ये बीमारी पाई गई है। चार पुन्हाना, चार फिरोजपुर झिरका और एक नूंह खंड सहित 9 पशुओं की मौत हुई है। जिले में लंपी बीमारी पूरी तरह नियंत्रण में हैं। अधिकतर पशु ठीक हो रहे हैं। सभी पशुओं की टीके लगा दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी जिले की कुल 12 गोशालाओं में मरोड़ा और बिस्सतर अकबरपुर गोशाला तावडू में पाई गई है। पशु चिकित्सकों ने राय दी कि लंपी बीमारी से लोगों को घबराना नहीं चाहिए। पशुपालकों को चाहिए की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, अन्य पशुओं से दूर रखें तथा दूध उबालकर पीयें। उन्होंने बताया कि यह बीमारी केवल पशुओं को ही लगती है।