पुन्हाना। पशुओं में लंपी बीमारी का कहर बढ़ता जा रहा है। लंपी से प्रभावित पशुओं की संख्या 298 पहुंच गई है। वहीं, चार गायों की मौत भी हो चुकी है। जिले में 78 पशु ठीक हो चुके हैं। सोमवार को नूंह को 10 हजार टीके और मिले हैं। अब तक 35 हजार टीके जिले को मिल चुके है।
गांव बिछौर निवासी राजीव प्रजापति का कहना है कि उसकी गाय जो सात माह से गर्भवती भी थी उसकी दो दिन पहले लंपी बीमारी के चलते मौत हो गई। वह करीब दस दिन तक बीमार रही है। गांव में काफी गायों को लंपी बीमारी लगी हुई है। गांव बीसरू निवासी तौसीफ खान ने बताया कि उनके गांव में अता मोहम्मद का बैल, हुनेर, प्रेम, मास्टर हुमायूं और राजेंद्र की गायों सहित कई पशु बीमार हैं। गांव पाटखोर निवासी साजिद खान ने बताया कि उनके गांव के किसान आफिस, हासिम सहित एक दर्जन गांवों में सैकड़ों गायों को लंपी बीमारी फैल रही है। वैसे डाक्टर इंजेक्शन भी लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अरावली पर्वत श्रंखला के साथ-साथ बसे पाटखोरी, नांगल, बिलौंडा, चैनपुरी, कूंबडा बास, रावली, ढाडोली, माहौली आदि एक दर्जन गांवों के किसान हजारों गाय पालते हैं।
क्या कहते हैं उप निदेशक
जिले में बीमारी बढ़ रही है लेकिन पशु ठीक भी हो रहे हैं। जिले के 298 पशु लंपी की चपेट में आए हैं। जिनमें से 78 पशु ठीक हुए हैं। जिले में करीब 32 हजार गाय हैं। 35 हजार टीके पहुंच गए हैं। अब तक 25 हजार को टीके लगाये जा चुके है।
- डॉक्टर नरेंद्र सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग नूंह
फिरोजपुर झिरका में मिले 93 मामले
फिरोजपुर झिरका। लंपी स्किन वायरस के संक्रमण को लेकर उपमंडल के लगभग हर गांव में चार से पांच पशु ग्रसित नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो उपमंडल में लगभग 93 मामले अब तक सामने आए हैं जबकि 22 पशुओं में रिकवरी देखी गई है, जो स्वस्थ है। जानकारी देते हुए फिरोजपुर झिरका से डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि फिरोजपुर झिरका उपमंडल में लगभग 8200 वैक्सीन आई हैं। लगभग सात हजार डोज लगाई जा चुकी है। लंपी वायरस से मरने वाले पशुओं की संख्या तीन हैं जबकि क्षेत्र के हर गांव में हुए मामलों में रिकवरी देखी जा रही है।