फिर उजागर हुई हाईटेक शहर में सीसीटीवी कैमरे की कमी
सब्जी विक्रेता के हत्यारोपियों की पहचान में पुलिस के छूटे पसीने
हत्या के कारणों को लेकर परिजन और अन्य विक्रेताओं से पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन करने वाले शहर में सीसीटीवी कैमरे की कमी एक बार फिर उजागर हुई है। सब्जी विक्रेता कोमिल (50) के हत्यारोपियों की पहचान में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। वारदात वाली जगह पर सीसीटीवी फुटेज की कवरेज नहीं है। ऐसे में पुलिस ने परिजन और उसके साथ बाजार में सामान बेचने वाले विक्रेताओं से पूछताछ की है। पुलिस घटनास्थल की ओर आने जाने वाले रास्तों के फुटेज खंगाल रही है।
मूलरूप से बदायूं निवासी कोमिल डाढ़ा गांव में परिवार के साथ किराए पर रहता था। परिजन खेत में सब्जी उगाते हैं, जिसे कोमिल साप्ताहिक बाजार में बेचता था। रविवार रात कोमिल ओमीक्रान-एक सेक्टर के पास साप्ताहिक बाजार से सब्जी बेचकर लौट रहा था। रात लगभग 10:30 बजे बाजार से कुछ दूरी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। इलाज के दौरान सोमवार शाम कोमिल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद से ही पुलिस हत्या के कारणों और आरोपियों का सुराग लगाने में जुटी है।
थैले में मिले रुपये और पेटीएम स्पीकर
कोमिल के जेब में रुपये नहीं होने से लूट के विरोध में हत्या की आशंका जताई जा रही थी। मंगलवार को कासना थाना प्रभारी संतोष शुक्ला ने बताया कि सब्जियों के बीच एक थैला मिला, जिसमें रुपये थे। हालांकि अधिकांश लोग ऑनलाइन भुगतान करते हैं। थैले में पेटीएम का स्पीकर भी मिला है। एक व्यक्ति ने बिजली ठेकेदार से विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई है। वह भी ठेके की प्रतिद्वंद्विता का मामला निकला।
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वसूली को लेकर हत्या का आरोप
ट्विटर पर किसी ने पोस्ट कर सब्जी विक्रेता की साप्ताहिक बाजार में वसूली को लेकर हत्या का आरोप लगाया है। इस संबंध में थाना प्रभारी का कहना है कि वह बाजार में हर बार लाउडस्पीकर से घोषणा करते हैं कि किसी को भी सामान बेचने का पैसा न दें, इसलिए वसूली का आरोप निराधार है।