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Noida News: पैसों की तंगी से स्नातक नहीं कर पाईं कबड्डी खिलाड़ी वंशिका

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-पिता को कैंसर और पैसे की कमी से नहीं दे पाई स्कूल की फीस, स्कूल ने दो वर्ष से रोकी है टीसी
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-डीएम, डीआईओएस से लगाई गुहार तो स्कूल की फीस माफ कराने और स्नातक में दाखिले का मिला आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पिता को कैंसर होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रही राज्य महिला कबड्डी टीम की सदस्य वंशिका भाटी स्नातक नहीं कर पाईं। स्कूल की फीस जमा नहीं होने से उनका कॅरिअर दो वर्ष से प्रभावित है। स्कूल ने इंटरमीडिएट का परीक्षाफल रोक दिया। इसके कारण न तो स्नातक में दाखिला हो पाया और न ही खेलो इंडिया में हिस्सा ले सकीं। सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के माध्यम से वंशिका अपने पिता के साथ स्कूल से टीसी और प्रमाणपत्र दिलाने की मांग को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के पास पहुंचीं थीं। डीआईओएस ने स्कूल से बात कर उसकी फीस माफ करवाई और साथ ही एनपीसीई कॉलेज में निशुल्क स्नातक में दाखिले के लिए भी आश्वासन दिया है।
गांव बुलंदखेड़ा निवासी वंशिका भाटी के पिता रोहताश भाटी को वर्ष 2019 में गले का कैंसर होने का पता चला था। ऐसे में पहले से ही आर्थिक तंगी से गुजर रहा परिवार टूट गया। किसी तरह दिल्ली एम्स में उपचार और दो वर्ष बाद सर्जरी हुई। 2018 में वंशिका ने गांव में ही कबड्डी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। पचायतन स्थित सेंट जॉर्ज स्कूल में पढ़ाई के दौरान जनवरी 2019-20 से 11वीं की फीस नहीं दे पाईं। 12वीं में भी कोविड के दौरान घर के हालात खराब होने से वह स्कूल की फीस नहीं दे सकीं। वर्ष 2020-21 में उन्होंने 71 प्रतिशत से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। फीस नहीं देने पर स्कूल ने टीसी और प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया।
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राष्ट्रीय महिला कबड्डी शिविर में चयनित हुई
वंशिका पिछले तीन वर्षों से जिला कबड्डी टीम में खेल रही हैं। इसके अलावा वर्ष 2022 में उनका चयन उत्तर प्रदेश महिला कबड्डी टीम के लिए हो गया। लखनऊ के साईं केंद्र में वंशिका का चयन गुजरात स्थित गांधीनगर के राष्ट्रीय शिविर में भी हुआ। यहां प्रदेश के दो खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय शिविर के लिए हुआ था। इस दौरान वंशिका ने शिविर में प्रशिक्षण भी लिया। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम में उनका चयन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि मई के अंत में दोबारा राष्ट्रीय शिविर के लिए प्रतियोगिता में वह हिस्सा लेंगी।
डीआईओएस की पहल पर स्कूल से मिला आश्वासन
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा। डीआईओएस ने सेंट जॉर्ज स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर वंशिका की पूरी फीस माफ करने की बात कही। इसके अलावा स्नातक में निशुल्क दाखिले के लिए नोएडा फिजिकल कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधन से भी बात कर दाखिले का आश्वासन दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने हाल ही में चुनाव कार्य के लिए आया अपना एक दिन का मेहनताना 2500 रुपये वंशिका और उनके परिवार को सौंपा।
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बड़ी बहन चंचल भी दो बार यूपी का कर चुकी है प्रतिनिधित्व
वंशिका अपनी बड़ी बहन चंचल से प्रेरित हैं। चंचल वर्ष 2021 और 2022 में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। इसके अलावा वह देश की महिला कबड्डी टीम में चयन के लिए राष्ट्रीय शिविर में भी चयनित हो चुकी हैं।
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