नोएडा एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्रेलमैन और सीओओ किरण जैन ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि साल-2024 तक बस, एक्सप्रेसवे , मेट्रो और मोनो रेल समेत कई तरह के मार्गों से परिवहन के साधन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। हालांकि इनमें से किसी भी बड़े प्रोजेक्ट पर प्रदेश सरकार ने काम शुरू नहीं किया है।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के शुरू होने के लिए सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी की जरूरत होती है। जब संसाधनों की बहुतायत होगी तो यात्री की आवक भी बढ़ जाएगी। किरण जैन ने कहा कि पहले वह अपना काम करेंगे और यदि ऐसा प्रतीत होगा कि सरकार की ओर से आवगमन के संसाधनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो उसे लेकर सरकार से कहा जाएगा।
कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स हब के विकास से मिलेगा रोजगार
एयरपोर्ट उत्तर भारत का मुख्य एयरकार्गो गेटवे बनेगा। यहां अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। एयरपोर्ट के पास बनाया जाने वाला इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल कार्गो हब प्रदेश को विश्व में लॉजिस्टिक्स के नक्शे पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। लचीले, मॉड्युलर और किफायती कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ निर्माण केंद्रों से सुविधाजनक और इंटरमॉडल कनेक्टिविटी होगी।
एयरपोर्ट के लिए इंटीग्रेटेड, रेल, बस, और मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए प्रावधान है। नोएडा से एयरपोर्ट तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लिंक के लिए एयरपोर्ट के पास एक स्टेशन भी बनाया जाएगा। वहीं एयरपोर्ट के आसपास से हटाए गए पेड़ों का इस्तेमाल करते हुए नया फॉरेस्ट पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए 8 हेक्टेयर जमीन पर हरित क्षेत्र तैयार किया जाएगा।