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Noida News: जगनपुर-अफजलपुर इंटरचेंज की अड़चन हुई दूर, अतिरिक्त मुआवजा देगा यीडा

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जगनपुर-अफजलपुर इंटरचेंज की अड़चन हुई दूर, अतिरिक्त मुआवजा देगा यीडा
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-यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल को जोड़ने के लिए बनेगा इंटरचेंज

-इंटरचेंज पर बढ़ी कीमत यीडा को देगा एनएचआई, 80 करोड़ में छोड़ा गया था टेंडर


-यमुना प्राधिकरण 300 किसानों को अगले माह से देगा अतिरिक्त मुआवजा

-कोर्ट में चल रहा है एनएचआई की तर्ज पर मुआवजा मांगने का मामला

-एनएचआई ने यमुना प्राधिकरण को लिखा पत्र, कहा इंटरचेंज में बढ़ी कीमत दें

माई सिटी रिपोर्टर



ग्रेटर नोएडा। जगनपुर-अफजलपुर के पास यमुना प्राधिकरण एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ने को लेकर में आ रही अड़चन अब दूर हो गई है। किसानों की जमीन के एवज में अतिरिक्त मुआवजा अब यमुना प्राधिकरण देगा। जबकि इंटरचेंज पर बढ़ी कीमत का वहन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। हालांकि किसान पेरिफेरल के बराबर 3600 रुपये प्रति वर्गमीटर के अनुसार मुआवजा मांग रहे हैं। मामला कोर्ट में है।
किसानों और प्राधिकरण के बीच फैसला हुआ है कि अतिरिक्त मुआवजा देकर काम शुरू करा दिया जाए। कोर्ट के निर्णय के बाद उसका पालन किया जाएगा। इस पर किसानों ने सहमति देते हुए काम शुरू कराने की रजामंदी दे दी है। इंटरचेंज पर दोनों एक्सप्रेसवे जुड़ने से हरियाणा और यूपी के करीब 50 हजार वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा। उन्हें 15 किमी का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। साथ ही यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-17, 17ए, 18, 20 समेत कई सेक्टर सीधे इंटरचेंज से जुड़ जाएंगे।
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यमुना एक्सप्रेसवे और इस्टर्न पेरिफेरल को जोड़ने के लिए जगनपुर-अफजलपुर गांव की 57 हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण ने ली थी। यहां पर इंटरचेंज बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर करीब 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आ रही थी। मगर किसान 64.7 फीसदी के लिए कोर्ट चले गए। फिर इंटरचेंज बनाने की बात प्राधिकरण ने शुरू की तो किसानों न पेरिफेरल के किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा भी मांग लिया। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के पक्ष में अतिरिक्त मुआवजे का आदेश दे दिया है। हालांकि पेरिफेरल के बराबर मुआवजा देने की मांग वाली याचिका पर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। प्राधिकरण ने प्रभावित किसानों से और संगठनों से वार्ता करके साफ किया है कि वह अतिरिक्त मुआवजे का वितरण जुलाई से कर देंगे।
उधर, इंटरचेंज पर बढ़ी लागत के लिए यमुना प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा और बढ़ी हुई धनराशि की मांग की। चूंकि दो साल में सभी वस्तुओं की दर बढ़ गई है। ऐसे में एनएचआई ने भी बढ़ी हुई धनराशि देने के लिए सहमति दे दी है।
यीडा के निवासियों को भी मिलेगी राहत
इंटरचेंज में यमुना प्राधिकरण के सेक्टरों को जोड़ने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा से आगरा जाते समय यमुना एक्सप्रेसवे के दाहिनी ओर 60 मीटर और बायीं ओर 30 मीटर चौड़ी सर्विस रोड है। दोनों सड़कों को इस इंटरचेंज से जोड़ा जाएगा ताकि दोनों ओर के सेक्टर आपस में कनेक्ट हो संके। ऐसे में सेक्टर के लोग भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे पर आसानी से जा सकेंगे।
इंटरचेंज बनने से होगा उद्यमियों को लाभ

आगरा से आने वाल जिन वाहनों को यमुना एक्सप्रेसवे से हरियाणा जाना होता है, उन्हें जीरो प्वाइंट से वापस सिरसा लूप से ईस्टर्न पेरीफेरल पर चढ़ना पड़ता है। इसी तरह हरियाणा से माल वाहक या सामान्य वाहन सिरसा उतरने के बाद परी चौक होते हुए जीरो प्वाइंट से आगरा के लिए एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं। इससे दोनों रूट के वाहनों को न सिर्फ ग्रेनो में समय खराब करना पड़ता है बल्कि 15 किमी का चक्कर भी काटना पड़ता है। इंटरचेंज के बनने से समय की बचत के साथ ईंधन और धन की बर्बादी बचेगी
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यमुना एक्सप्रेसवे और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए जगनपुर-अफजलपुर के पास इंटरचेंज बनाने का प्रस्ताव था। मगर किसानों के 64.7 फीसदी मुआवजा नहीं देने का मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। अब किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देकर काम शुरू करने पर रजामंदी बन गई है। वहीं, इंटरचेंज पर बढ़ी लागत एनएचआई देगा।
डॉ. अरुणवीर सिंह, यीडा सीईओ।
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