हिमाचल से एनसीआर में हो रही हाथी दांत की तस्करी, दो गिरफ्तार
- एसटीएफ ने ग्रेनो वेस्ट के चिपियाना में कार्रवाई कर हाथी का दांत किया बरामद
- 1.40 करोड़ में किया था सौदा, गिरोह के बदमाशों की तलाश जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हाथी दांत तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों की पहचान गाजियाबाद निवासी अंकुर माथुर और हिमाचल प्रदेश निवासी रजत पवार के रूप में हुई है। एसटीएफ और बिसरख पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर होंडा सिटी कार से 1800 ग्राम वजनी हाथी दांत बरामद किया है। आरोपियों ने 1.40 करोड़ में हाथी दांत का सौदा किया था। आरोपी एक माह से ग्रेनो वेस्ट के साईं उपवन में किराये पर कमरा लेकर रह रहे थे। अब एसटीएफ और पुलिस गिरोह के आरोपियों को तलाश में जुटी है। पुलिस जांच में हिमाचल प्रदेश से एनसीआर में तस्करी की बात सामने आई है।
एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नार्दन रीजन से हाथी दांत की तस्करी करने वाले गिरोह की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम तस्करों की तलाश में जुट गई। बृहस्पतिवार रात ग्रेनो वेस्ट के चिपियाना के पास स्थित साईं उपवन के पास होंडा सिटी कार में हाथी के दांत का 1.40 करोड़ में सौदा चल रहा था। तभी पास में एक कमरे में किराये पर रहने वाले सेवियर सोसाइटी क्राॅसिंग रिपब्लिक निवासी अंकुर माथुर और उसके साथी सोलन निवासी रजत पवार को गिरफ्तार किया गया। अंकुर गाजियाबाद में एसी रिपेयरिंग का काम करता है और रजत कैब चलाता है। रजत पवार दसवीं पास है। पूछताछ में रजत ने बताया कि उसकी मुलाकात एक अन्य टैक्सी चालक अरविंद से हुई थी। अरविंद ने उसकी पहचान शिमला के रहने वाले पूरन से हुई। इन दोनों को तस्करी के संबंध में अधिक जानकारी है। बिसरख कोतवाली में दर्ज किए गए केस में अरविंद व पूरन को भी नामजद किया गया है। एसटीएफ अब अरविंद व पूरन को तलाश रही है।
फरार आरोपी ने चोरी कराया था हाथी दांत
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी रजत ने बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी अरविंद उसके साथ कैब चलाता है। अरविंद और रजत को पूरन ने हाथी के दांत के बारे में बताया था। पूरन ही उन्हें एक जगह लेकर गया था। जहां से वह हाथी का दांत चोरी कर लेकर आया था। इस मामले में आरोपियों पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9, 39, 44, 49 बी, 50, 51, 48 ए और आईपीसी की धारा 379, 411 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।
वाइल्ड लाइफ के अफसर बने ग्राहक
जांच में जुटे अधिकारियों ने जानकारी मिली है कि हिमाचल से एनसीआर में हाथी के दांत तस्करी कई माह से वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिल रही थी। ब्यूरो के अधिकारियों ने ही ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क किया। आरोपी 1.40 करेाड़ रुपये में हाथी का दांत देने पर तैयार हुए। दांत खरीदने के बहाने ही आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
चीन में अधिक मांग, चीन के नागरिकों से नहीं जुड़े तार
जिला वन अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि हाथी के दांत की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई स्थायी कीमत नहीं है। लेकिन यह देश-विदेश में यह काफी बिकते हैं। इन्हें शान शौकत का प्रतीक माना जाता है। चीन में हाथी के दांत की अधिक डिमांड है। इनका प्रयोग गहने-शोपीस बनाने में किया जाता है। अंधविश्वास के चलते कुछ लोग तंत्र मंत्र में भी इनका प्रयोग करते हैं और ये भी कहते हैं इनके आभूषण पहनने वाले का अहित नहीं होता। ऐसे मेें ग्रेनो में रहकर अवैध कारोबार में लिप्त चीनी नागरिकों से तो नहीं हैं। एसटीएफ इसकी भी जांच कर रही है।