नोएडा में नक्शा पास कराना और सीसी लेना होगा महंगा
बोर्ड बैठक में नक्शा पास कराने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट की दरें बढ़ाने का जा रहा प्रस्ताव
13 साल बाद बढ़ेंगी दरें, नियोजन विभाग ने तैयार किया, 13 अगस्त को प्रस्तावित बोर्ड बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा में अब निर्माण कार्य से पहले नक्शा पास कराने और काम पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) लेना महंगा होगा। प्राधिकरण 13 साल बाद इसकी दरें बढ़ाने जा रहा है। इस बाबत नियोजन विभाग बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखेगा। बोर्ड से पास होने के बाद नोएडा में नई दरें लागू हो जाएंगी।यह सभी तरह के निर्माण के लिए पास कराए जाने वाले नक्शे और सीसी पर लागू होगा। 13 अगस्त को प्राधिकरण के प्रस्तावित बोर्ड बैठक में 18 एजेंडे वर्तमान समय तक तैयार किए गए हैं। अगले दो दिनों में कुछ अनुपूरक और टेबल एजेंडा भी तैयार होने की उम्मीद है।
नियोजन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पहले इसकी दर 15 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसे बढ़ाकर 30 रुपये प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा जाएगा। यानी कोई निवासी 1000 वर्गमीटर एरिया में घर बनाने के लिए नक्शा पास कराना चाहता है तो पुरानी दर के मुताबिक उसे 15 हजार रुपये का शुल्क जमा करना होता था, लेकिन अब अगर बोर्ड से यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो उसे नई दरों के अनुसार, 30 हजार रुपये जमा करने होंगे।
इसी तरह से मकान निर्माण के बाद सीसी लेने का शुल्क पहले 15 रुपये प्रति वर्गमीटर था, जिसे बढ़ाते हुए अब 35 रुपये प्रति वर्गमीटर करने का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा जाएगा। यानी 1000 हजार वर्गमीटर के मकान के लिए पहले जहां 15 हजार रुपये में काम हो जाता था। वहीं, अब इसके लिए 35 हजार रुपये लगेंगे। ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत, वाणिज्यिक परियोजनाओं के बिल्डरों को इसके लिए मोटी रकम चुकानी होगी क्योंकि उनकी परियोजनाएं लाखों वर्गमीटर में होती है। इसके लिए उनको करीब दोगुना शुल्क चुकाना होगा।
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ग्रेनो में 2015 से प्रभावी हैं नई दरें
ग्रेटर नोएडा में यह दरें 2015 से ही प्रभावी हैं, जबकि नोएडा प्राधिकरण अब इसकी दरें बढ़ा रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, नियोजन विभाग की ओर से दरें बढ़ाने की बड़ी वजह राजस्व में बढ़ोतरी करना है। इसकी वजह से प्राधिकरण को काफी राजस्व प्राप्त होगा।
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न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 2041 तैयार, 40 प्रतिशत में लगेंगे उद्योग
201 वर्ग किमी में बनाया गया है न्यू नोएडा के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट
नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) यानी न्यू नोएडा का मास्टर प्लान-2041 तैयार हो गया है। इसके ड्राफ्ट को मंजूर कराने के लिए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, 201 वर्ग किमी क्षेत्र को विकसित कराया जाएगा। प्लान की मंजूरी के बाद स्थानीय लोगों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद इस पर शासन की मुहर लगने के बाद एक बार फिर इसे अगले बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। उक्त बोर्ड बैठक में प्लान को अमलीजामा पहनाने पर मंथन होगा। इसमें किस तरह से पूरे क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस पर बोर्ड फैसला करेगी। फिर इसमें आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
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उद्योगों को तरजीह देने की कोशिश
न्यू नोएडा के मास्टर प्लान में उद्योगों को तरजीह देने की कोशिश होगी। इस योजना को पूरा कराने पर शासन का जोर होगा। नोएडा में की गई भूल को यहां नहीं दोहराने की बात अधिकारियों ने की। यही वजह है कि यहां 40 प्रतिशत क्षेत्र में उद्योग लगाने की योजना है। नोएडा को औद्योगिक शहर का दर्जा दिया गया था, लेकिन आगे चलकर यहां आवासीय निर्माण ने गति पकड़ी और वर्तमान समय में इसका प्रतिशत औद्योगिक के दोगुने से भी अधिक है। इससे शहर का पूरा संतुलन बिगड़ गया। अब इसे दूर करने की योजना न्यू नोएडा के लिए है। इसके लिए पूरी योजनागत तरीके से काम करने पर जोर रहेगा।
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रीजनल कनेक्टिविटी प्लान बनाने के लिए चयनित होगी सलाहकार एजेंसी
पश्चिम यूपी के प्रमुख शहरों को सार्वजनिक परिवहन के साधनों से जोड़ने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी के तहत एक योजना पर काम चल रहा है। दिल्ली से लेकर मेरठ तक के क्षेत्र को सड़कों के जाल और सार्वजनिक परिवहन के साधनों से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से गाजियाबाद, हापुड़, खुर्जा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा आपस में जुड़ेंगे। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है। प्राधिकरण इसके लिए योजना बनाने और कंसल्टेंट चयन के बाबत बोर्ड में प्रस्ताव लेकर जाएगा।