फोटो 41 कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में समीक्षा करते डीएम। स्रोत प्रश
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, मध्यान्ह भोजन, जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में समीक्षा की। परिषदीय विद्यालयों के छात्रों की डिजिटल उपस्थिति संतोषजनक न होने, शिक्षण कार्य, विभागीय कार्यों में रूचि न लेने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई न करने पर समस्त खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए। दो वर्ष से अधिक समय से एक ही खंड क्षेत्र में तैनात खंड शिक्षाधिकारियों के कार्यक्षेत्र तत्काल बदले जाने को कहा।डीएम ने कहा कि जिस खंड शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल उपस्थिति स्टेट लेवल से कम दर्ज हुई तो संबंधित खंड शिक्षाधिकारी के निलंबन की संस्तुति की जाएगी। खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा शिक्षकों की सही से मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है। निरीक्षण कर परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं काे व्यवस्थित नहीं रखा जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों मे निजी विद्यालयों के सापेक्ष शिक्षक-छात्र अनुपात काफी अधिक होने, सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता होने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों को बेहतर बनाने में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा रूचि नहीं ली जा रही है। उन्होने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मूलभूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। प्रधानमंत्री पोषण योजना में खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान दें। सभी विद्यालयों में निर्धारित मीनू के अनुसार छात्रों को दोपहर का खाना, निर्धारित तिथि को फल, दूध दिया जाए। जिला स्तरीय अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान कम से कम दो वि़द्यालयों का प्रत्येक दशा में निरीक्षण करके विद्यालयों में मिलने वाली कमियों को दूर करने के प्रयास करें। मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरसी गुप्ता, परियोजना निदेशक सत्येंद्र कुमार, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी रंजना शुक्ला मौजूद रहे।