फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: अस्पताल प्रशासन, विद्युत विभाग की लापरवाही से मासूम को गंवाने पड़े दोनों हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
पुन: संशोधित
विज्ञापन



अलीगढ़ के ध्यानार्थ







अस्पताल प्रशासन, विद्युत विभाग की लापरवाही से मासूम को गंवाने पड़े दोनों हाथ



- अस्पताल के छज्जे पर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुआ था हादसा



- एम्स में हुआ हाथों का ऑपरेशन, संक्रमण की वजह से काटने पड़े


संवाद न्यूज एजेंसी



जेवर। अस्पताल प्रबंधन और विद्युत निगम की लापरवाही से छह वर्ष के मासूम माधव को दोनों हाथ गंवाने पड़े। बढ़ते संक्रमण से जान बचाने के लिए बुधवार को एम्स के डॉक्टरों को माधव के दोनों हाथों को कोहनी के ऊपर तक काटना पड़ा। पिता योगेश की तहरीर पर पुलिस ने चौधरी मेडिकेयर अस्पताल और विद्युत निगम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हादसा शुक्रवार को हुआ था जब माधव परिजनों के साथ अस्पताल में भर्ती महिला को देखने आया था।



अलीगढ़ निवासी योगेश चौहान की बहन जेवर में रहती है। प्रसव पीड़ा के बाद उसे जेवर के चौधरी मेडिकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नवजात और बहन को देखने के लिए शुक्रवार को योगेश परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ 6 साल का बेटा माधव भी था। माधव खेलते हुए अस्पताल के छज्जे तक पहुंच गया। अस्पताल के बेहद करीब से जा रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर वह बुरी तरह झुलस गया। उसे दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया। जहां बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डाॅक्टरों को बच्चे के दोनों हाथों को काटने का फैसला लेना पड़ा।
विज्ञापन

हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में है। पिता योगेश चौहान का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और विद्युत निगम की लापरवाही से माधव के दोनों हाथ कोहनी के ऊपर से काटने पड़े। उनकी शिकायत पर चौधरी मेडिकेयर अस्पताल के संचालक और विद्युत निगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आहत पिता ने समस्या को दूर करने की अपील



बेटे के दोनों हाथ काटे जाने से आहत योगेश उसके भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ऐसे कदम उठाने की अपील की है जिससे किसी बच्चे के साथ ऐसी दुर्घटना नहीं हो। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से भी मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन




पूरा नहीं हुआ हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने का काम



गौतमबुद्ध नगर में तीन साल पहले हुए हादसे के बाद विद्युत निगम की ओर से सर्वे कराया था। सर्वे के आधार पर घरों और संस्थानों पास से जा रही हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने का कार्य शुरू हुआ था। हालांकि कुछ दिनों के बाद ही यह काम रुक गया। मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि विद्युत निगम ऐसे हादसों का संज्ञान नहीं ले रहा है। यही वजह है कि बार-बार हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें