-नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने लिया फैसला, इकाइयों को शुरू कराकर रोजगार के सृजन का लक्ष्य
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बंद पड़ी औद्योगिक और संस्थागत इकाइयों को सक्रिय कराने का काम प्राधिकरण करेगा। इस बाबत नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसका मकसद नए रोजगार का सृजन कराना होगा।
दरअसल नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने कई मुद्दों पर समीक्षा बैठक की। बैठक में बंद पड़ी इकाइयों को फिर से शुरू कराने पर मंथन किया गया। उन्होंने औद्योगिक और संस्थागत विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह ऐसे भूखंडों की सूचना उपलब्ध कराएं जो इकाइयां वर्षों से बंद पड़ी हैं। वहीं, ऐसी इकाइयों की ओर से प्राधिकरण की धनराशि का पूर्ण भुगतान कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आवंटियों को प्राधिकरण में बुलाकर बैठक कराई जाए और उनसे इकाई न चलाने या बंद रखने के बाबत एक प्रस्ताव मांगा जाए, जिसमें वह अपने भूखंड को सरेंडर करना चाहते हैं या किसी को बेचना चाहते हैं, ताकि उस पर प्राधिकरण की ओर से फैसला लेते हुए औद्योगिक और संस्थागत के कार्य शुरू कराया जा सके। इससे वहां रोजगार का सृजन हो सकेगा।
औद्योगिक विभाग की कई इकाइयां निष्क्रिय
औद्योगिक विभाग की करीब दो हजार इकाइयां निष्क्रिय बताई जाती हैं। करीब 10500 में से 8500 ही सक्रिय हैं। हालांकि औद्योगिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब 150 से 200 इकाइयां निष्क्रिय होंगी। बाकी इकाइयां इस वजह से निष्क्रिय दिखती हैं क्योंकि इस विभाग की इकाइयों की लगातार बिक्री होती रहती हैं। ऐसे में बिक्री के बाद इसे सक्रिय कराने के लिए फिर से प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। इस दौरान आंकड़ों में यह निष्क्रिय हो जाती हैं। इसके अलावा कुछ निष्क्रिय इकाइयां ऐसी हैं जो आठ साल पुरानी हैं उनको दिसंबर 2024 तक प्रमाण पत्र लेने के लिए छूट है। ऐसी करीब 210 इकाइयां हैं।
संस्थागत विभाग में निष्क्रिय इकाइयों की संख्या कम
संस्थागत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यहां 1224 आवंटित भूखंडों में से निष्क्रिय इकाइयों की संख्या काफी कम होगी क्योंकि इनमें से 800 स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग होम, मंदिर के लिए जमीन आवंटित की गई है। यह सब सक्रिय हैं। इसके अलावा आईटी के करीब 300 प्लॉट हैं। यह सभी चल रहे हैं। इसमें ऐसे आवंटियों को ढूंढना होगा, जो अपने इकाई को चलाना नहीं चाहता। इसमें बकाया नहीं चुकाने की वजह से डिफॉल्टर की संख्या अधिक नहीं है।