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हमारी सरकार ने शासन के हर तंत्र को नया रूप दिया : मोदी - A

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- प्रधानमंत्री बोले भारत की समृद्धि, विश्व की समृद्धि एजेंसीनई दिल्ली। कांग्रेस पर परोक्ष हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्ष में शासन के हर तंत्र की पुनर्कल्पना की और नया रूप देकर देश को ‘नाजुक पांच’(फ्रेजाइल फाइव) के समूह से निकालकर ‘मजबूत’राष्ट्र में बदल दिया है। 2013 में ‘नाजुक पांच’शब्द का इस्तेमाल भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये को वर्णित करने के लिए किया गया था, जब निवेशक ज्यादा लाभ की उम्मीद में इन उभरते बाजार से पैसे निकालकर विकसित देशों के बाजारों में लगा रहे थे। प्रधानमंत्री एक मीडिया समूह की ओर से आयोजित ग्लोबल बिजनेस समिट में बोल रहे थे। उन्होंने सड़क निर्माण, मेट्रो ट्रेन नेटवर्क के विस्तार, रेल लाइन बिछाने और हवाईअड्डों की संख्या बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में अपनी सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। वैश्विक निवेशकों का भारत के विकास में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, आप भारत की प्रगति यात्रा के साथ जुड़ते हैं तो भारत आपको प्रगति की गारंटी देता है। उन्होंने जोर देकर कहा, भारत की समृद्धि विश्व की समृद्धि है और भारत की वृद्धि विश्व की वृद्धि है। -राय बनाने वालों पर निशाना प्रधानमंत्री ने राय बनाने वालों पर भी निशाना साधा और कहा, हमारे देश में ज्यादातर राय निर्माता हर छह महीने में एक ही उत्पाद को फिर से लॉन्च करने में व्यस्त रहते हैं। यहां तक कि इस रीलॉन्च में भी वे कोई नई कल्पना नहीं करते हैं। समिट का विषय व्यवसाय की पुनर्कल्पना विश्व की पुनर्कल्पना था। दांव पर थी देश की छवि पीएम ने पहले के समय को याद करते हुए कहा, घोटालों के कारण देश की छवि दांव पर थी, भ्रष्टाचार के कारण गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था, वंशवाद और भाई-भतीजावाद के चलते युवाओं के हितों की बलि चढ़ रही थी और नीतिगत खामियों के चलते परियोजनाएं लटकी रहती थीं। इसीलिए हमने शासन के हर तत्व को नई कल्पना, नया रूप देने का फैसला किया। हमने परिकल्पना की कि किस तरह से सरकार कल्याणकारी योजना को सही तरीके से लागू कर सकती है। किस तरह सरकार बुनियादी ढांचों का प्रभावी तरीके से निर्माण कर सकती है और सरकार और देश के लोगों की बीच किस तरह के संबंध होने चाहिए। देश के पहले पीएम भी जानते थे प्रधानमंत्री ने जन धन खातों, गरीबों को कर्ज, घर, संपत्ति में अधिकार, शौचालय, बिजली और स्वच्छ घरेलू ईंधन मुहैया कराने के बारे में भी बातें की। उन्होंने कहा, यहां तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी जानते थे कि जब हर भारतीय के पास शौचालय की सुविधा होगी, तो इसका मतलब होगा कि भारत विकास की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद 10 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा है। भारत ने दुनिया को जीवटताका अर्थ समझाया प्रधानमंत्री ने कहा, भारत ने दुनिया को जीवटता का असली मतलब समझाया है। हमने जीवटता के बारे में चर्चा सुनी है। एक ऐसी अवस्था जब व्यक्ति न सिर्फ विपरीत परिस्थितियों का सामना करता है, बल्कि और मजबूत होने के लिए उसका इस्तेमाल भी करता है। जब मैंने जीवटता की अवधारणा सुनी तो मुझे भारत के लोगों की ताकत का खयाल आया। पिछले तीन साल से जारी कोरोना महामारी और यूक्रेन युद्ध की चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों ने दुनिया को दिखाया कि मुश्किल हालात से कैसे निपटा जाता है और उसे किस तरह अवसर में बदला जाता है।मानवता को हमारी क्षमता पर गर्व होगा प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को दिखाया है कि कैसे विपत्ति को अवसर में बदला जाता है। पिछले तीन साल में, जब दुनिया कभी कोरोना महामारी, कभी युद्ध तो कभी प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों से गुजर रही थी, तब भारत और भारत के लोगों ने असाधारण ताकत का प्रदर्शन किया है। 100 वर्षों के सबसे बड़े संकट के समय भारत की तरफ से दिखाई क्षमता के बारे में पढ़कर 100 वर्ष बाद मानवता को इस पर गर्व होगा।-
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